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-बिनेश पवार
मुजफ्फरनगर. एक तरफ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने जमीनों पर अवैध कब्जों के खिलाफ हर जिले में एंटी-भूमाफिया टास्क फोर्स का गठन किया हुआ है. वहीं मुजफ्फरनगर में 80 साल के एक बुजुर्ग ने अपने स्तर से ही अनोखी मुहिम छेड़ रखी है. स्थिति ये है कि जो भी बुजुर्ग से मिलता है, वह उनकी शब्दों में खो जाता है और मुस्कुराते हुए वाह-वाह करने लगता है. दरअसल ये बुजुर्ग सरकारी जमीन को कब्जामुक्त कराने का अभियान छेड़े हुए हैं और कविता के माध्यम से समस्या को अफसरों तक पहुंचा रहे हैं. ये अफसरो को याद दिलाते हैं सीएम योगी आदित्यनाथ ने क्या ऐलान किया है? अपने ही अंदाज में उन्हें ये भी कहते हैं कि अगर आप काम न कर पा रहे हों तो मैं लखनऊ हो आऊं.
इसी क्रम में बुजुर्ग डीएम कार्यालय पहुंचे तो उनकी कविता सुनने के लिए लोगों की भीड़ लग गई. दरअसल 80 वर्षीय इस बुजुर्ग का नाम शेर अली खान है. ये मुजफ्फरनगर के ग्राम भंडूरा के रहने वाले हैं. डीएम से मुलाकात के बाद शेर अली खान बोले डीएम ने कहा है कि वह कब्जा हटवाएंगी. उन्होंने बताया कि पिछले 4 साल से कब्जा हटाने को लेकर वह लगातार आ रहे हैं. लेकिन अफसोस इस बात का है कि अब तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई.
शेर अली खान की कविता की कुछ लाइनें...
मुख्यमंत्री जी के आदेश का अधिकारी पालन नहीं करते हैं
रुपये लेकर मनमानी कब्जे नहीं हटवाते हैं
687 तालाब का रकबा खाली नहीं कराते हैं.
अवैध कब्जे हटवाने की उनकी जिम्मेदारी है,
जिलाधिकारी मोहरमा सेल्वा कुमारी हैं.
खिलाफ मेरे अधिकारी अवैध कब्जे हटवाने से,
687 तालाब का रकबा खाली इसे कराने से.
हाईकोर्ट ने आदेश किए अतिक्रमण का हटवाओ,
अतिक्रमण हटवाकर सड़क सीधी कराओ.
अतिक्रमण हटवाकर सीधी सड़क करवानी है,
अतिक्रमण के स्थान पर नाली वहां बनवानी है.
पैरोकार हूं मैं सरकार का, अवैध कब्जे हटवाने को,
687 तालाब का रकबा खाली इससे कराने को.
जिलाधिकारी हैं जिम्मेदार अवैध कब्जे हटवाना है,
687 तालाब का रकबा खाली इससे कराने है.
अवैध कब्जे हटवाकर तालाब को खुदवाना है,
मुख्यमंत्री जी की मंशा को पूरी मुझे कराना है.
गर अवैध कब्जे हटवाते नहीं फिर शिकायती लखनऊ जाएगा,
तालबों के रकबों की फोटो कराकर मुख्यमंत्री को दिखलाएगा.


