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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 19 फरवरी। बिल्डर के खिलाफ तथ्यों को छुपाकर रेरा में शिकायत करना महिला खरीददार को भारी पड़ गया। रेरा ने सुनवाई के बाद न सिर्फ महिला के दावे को खारिज कर दिया, बल्कि पांच हजार रूपए जुर्माना ठोंक दिया है।
रहेजा स्काई स्केप्स सड्डू रहवासी उषा लाहोटी ने रहेजा बिल्डर के खिलाफ रेरा में शिकायत की। उसने बताया कि रहेजा स्काई में फ्लैट नंबर 204 को खरीदने के लिए बिल्डर के साथ करार किया था। इसके लिए 20 लाख रूपए ऋण भी लिए। फ्लैट की कीमत 35 लाख रूपए थी। फ्लैट की रजिस्ट्री के बाद 1 दिसंबर 2019 को फ्लैट का भौतिक आधिपत्य प्राप्त किया।
आवेदिका ने बताया कि बिल्डर द्वारा निम्न गुणवत्ता की सामग्री का प्रयोग किया गया। टाइल्स में पानी सोख लेने के कारण कई स्थानों पर काली पड़ गई। बिल्डर ने टाइल्स में निर्माण संबंधी त्रुटि को माना, और टाइल्स बदलने उल्लेख किया गया। आवेदिका ने यह कहा कि बिल्डर द्वारा टाइल्स बदलने से इंटीरियर डिजाइनिंग कार्य पर व्यय की गई साढ़े 9 लाख का नुकसान उठाना पड़ेगा जिसके भुगतान के लिए बिल्डर उत्तरदायी है।
यह भी कहा गया कि फ्लैट के विक्रय के समय आधिपत्य तिथि से एक वर्ष की अवधि में रखरखाव मद में 25 हजार प्राप्त किए थे, किन्तु आधिपत्य सौंपने के बावजूद बिल्डर द्वारा रखरखाव की मांग की जा रही है। आवेदिका ने बिल्डर को साढ़े 9 लाख का भुगतान करने और आधिपत्य तिथि से एक वर्ष तक रखरखाव शुल्क नहीं लेने के साथ-साथ क्षतिपूर्ति और अन्य राहत प्रदान करने का आग्रह किया।
बिल्डर ने महिला की शिकायत को निरस्त करने का आग्रह किया। उसने बताया कि आवेदिका उषा लाहोटी ने अपूर्ण फ्लैट खरीदने के लिए इकरारनामा किया था। किन्तु इकरारनामा का एक पेज हटाकर रेरा के समक्ष छायाप्रति प्रस्तुत की गई। इसमें फ्लैट के बिना फिनिशिंग के विक्रय किए जाने का उल्लेख है, जो कि उनकी दूषित मंशा को दर्शाता है। यह भी बताया कि आवेदिका के आग्रह पर विवादित फ्लैट का फिनिशिंग कार्य पूरा किया गया, किन्तु पिछले चार-पांच महीने से 4 लाख 32 हजार की राशि का भुगतान करने में विलंब किया जा रहा है।
बिल्डर ने यह भी बताया कि आवेदिका ने खुद इकरारनामे में भुगतान किए गए रखरखाव शुल्क की अवधि मई-2020 होना स्वीकार किया है। फ्लैट में उपयोग की गई सामग्री की वारंटी के लिए सामग्री निर्माता कंपनी उत्तरदायी है, जिसके लिए बिल्डर को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। आवेदिका ने आंतरिक साज सज्जा को होने वाले नुकसान के संबंध में कोई साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए हैं।
रेरा ने आवेदिका के आवेदन को आंशिक रूप से स्वीकार किया है। बिल्डर को दो महीने के भीतर सीपेज की समस्या के निराकरण के निर्देश दिए हैं, साथ ही आवेदिका को फ्लैट की टाइल्स परिवर्तन के लिए जरूरी सहयोग प्रदान किया जाए। इसके अलावा तथ्यों को छुपाकर आवेदन करने पर आवेदिका को दो माह के भीतर पांच हजार रूपए जुर्माना रेरा के खाते में जमा करने के आदेश दिए हैं।


