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देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू रही हैं। आज लगातार 10वां दिन हैं जब पेट्रोल-डीजल के दाम में उछाल देखा गया है। सरकारी तेल कंपनियों के अनुसार, दिल्ली में गुरुवार को पेट्रोल की कीमतों में 34 पैसे प्रति लीटर और डीजल की कीमतों में 32 पैसे प्रति लीटर का इजाफा किया गया है। आइए जानते हैं विभिन्न शहरों में पेट्रोल-डीजल की कीमतों को लेकर क्या स्थिति है।
दिल्ली में पिछले 10 दिनों में पेट्रोल 2.93 रुपये लीटर महंगा हो गया है। इस दौरान डीजल के दाम में 3.16 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से जनता परेशान है। इसी बहाने हंसने-हंसाने का सिलसिला भी चल पड़ा है। ट्विटर पर तेल की कीमतें बढ़ने से जुड़े कई ट्रेंड चल रहे हैं। यूजर्स इनके जरिए कभी सरकार पर निशाना साध रहे हैं तो कभी फनी ट्वीट्स भी कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि पिछली सरकारों ने देश के ऊर्जा आयात पर निर्भरता में कमी पर ध्यान दिया होता तो तेल की कीमतें इतनी नहीं बढ़तीं।
पेट्रोल-डीजल का रेट इतना ज्यादा होने के पीछे एक बड़ी वजह ज्यादा टैक्स वसूला जाना है। दिल्ली में अन्य राज्यों की तुलना में कम टैक्स वसूला जाता है, तब भी यहां पेट्रोल पर 168 फीसदी टैक्स लगता है।
शशि थरूर ने कहा कि केंद्र सरकार अपनी नाकामियों का ठीकरा पिछली सरकारों पर फोड़ रही है। पीएम मोदी ने बुधवार को कहा था कि पिछली सरकारों ने आयात पर निर्भरता नहीं घटाई। इसपर जवाब देते हुए थरूर ने अपने ट्वीट में कहा है कि "बीजेपी के 7 साल के शासन के बावजूद भारत कच्चे तेल की जरूरतों का 82% आयात करता है। कच्चे तेल का आयात बढ़ गया। क्या इसी को आयात पर निर्भरता कम करना कहते हैं?"
जब केंद्र में मनमोहन सिंह की सरकार थी, तब अक्षय कुमार हों या अमिताभ बच्चन, वे ट्वीट के जरिए पेट्रोल और डीजल के बारे में बताते थे। आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम कम होने पर भी पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ाकर मोदी सरकार जनता की जेब काट रही है। ऐसे में ये लोग क्यों नहीं बोल रहे हैं? वे अगर आगे नहीं बोलेंगे तो हम अमिताभ और अक्षय कुमार की फिल्मों की शूटिंग नहीं होने देंगे।
महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री करते श्याम रंगीला का ये वीडियो वायरल हो रहा है।
कर्नाटक कांग्रेस के अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने पेट्रोल पर केंद्र और राज्य सरकार के टैक्स की दरें गिनाते हुए पूछा है कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ईंधन पर टैक्स क्यों नहीं कम कर रहे हैं। उन्होंने लिखा है कि लगातार 9 दिनों तक कीमतें बढ़ाना बीजेपी के अहंकार को दिखाता है।
क्या हमें आयात पर इतना निर्भर होना चाहिए? मैं किसी की आलोचना नहीं करना चाहता लेकिन यह जरूर कहना चाहता हूं कि यदि हमने इस विषय पर ध्यान दिया होता तो हमारे मध्यम वर्ग को बोझ नहीं उठाना पड़ता।
ब्रांडेड पेट्रोल पर ज्यादा टैक्स लगता है। उसका रेट महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में पहले ही 100 रुपये प्रति लीटर के आंकड़े को पार कर चुका है।
तेल की कीमतें हर राज्य में अलग-अलग होती हैं क्योंकि स्थानीय स्तर पर टैक्स की दरें अलग-अलग हैं। देशभर में पेट्रोल पर सबसे ज्यादा VAT (वैल्यू ऐडेड टैक्स) राजस्थान में हैं। इसके बाद मध्य प्रदेश का नंबर आता है।
राजस्थान के बाद, मध्य प्रदेश में भी पेट्रोल के दाम 100 रुपये प्रति लीटर के पार चले गए हैं। एमपी के अनूपपुर में पेट्रोल 100.25 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है जबकि डीजल के दाम 90.35 रुपये हो गए हैं।
दिल्ली में पिछले 10 दिनों में पेट्रोल 2.93 रुपये लीटर महंगा हो गया है। इस दौरान डीजल के दाम में 3.16 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया।
लगातार बढ़ रहे पेट्रोल-डीजल के दामों के खिलाफ चेंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (सीटीआई) केंद्र सरकार के खिलाफ प्रोटेस्ट करने जा रही है। सीटीआई चेयरमैन बृजेश गोयल ने कहा कि केंद्र सरकार को तुरंत पेट्रोल-डीजल से एक्साइज ड्यूटी घटानी चाहिए। अब तो बजट में भी पेट्रोल-डीजल पर सेस लगा दिया। कोरोना काल में जब कच्चे तेल की कीमत गिरकर 18 डॉलर प्रति बैरल तक आ गई थी, तब भी सरकारी कंपनियों ने पेट्रोल पंप पर 82 दिनों तक कीमतों में कोई कमी नहीं की। ये तो जनता खून चूस रहे हैं।
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों से जनता परेशान है। इसी बहाने हंसने-हंसाने का सिलसिला भी चल पड़ा है। ट्विटर पर तेल की कीमतें बढ़ने से जुड़े कई ट्रेंड चल रहे हैं। यूजर्स इनके जरिए कभी सरकार पर निशाना साध रहे हैं तो कभी फनी ट्वीट्स भी कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि पिछली सरकारों ने देश के ऊर्जा आयात पर निर्भरता में कमी पर ध्यान दिया होता तो तेल की कीमतें इतनी नहीं बढ़तीं।
पेट्रोल-डीजल का रेट इतना ज्यादा होने के पीछे एक बड़ी वजह ज्यादा टैक्स वसूला जाना है। दिल्ली में अन्य राज्यों की तुलना में कम टैक्स वसूला जाता है, तब भी यहां पेट्रोल पर 168 फीसदी टैक्स लगता है।
श्रीगंगानगर से 22 रुपये सस्ता बिक रहा है भारत के इस शहर में पेट्रोल
लगातार 10वें दिन पेट्रोल-डीजल में आग, जानें अपने शहर में दाम
पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के चलते कुछ दिन बाद क्या यही हाल होने वाला है?
क्रिकेटर मनोज तिवारी ने पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर क्रिकेट की भाषा में तंज कसा है। उन्होंने लिखा, "पेट्रोल ने अबतक क्या शानदार पारी खेली है। ऐसे मुश्किल हालात में बहुत अच्छा शतक बनाया। जब आपने पहली गेंद खेली तभी से लगा था कि बड़ा स्कोर बनाएंगे। डीजल ने भी बराबर साथ दिया। आप दोनों ने बढ़िया साझेदारी की है। आम जनता के खिलाफ खेलना आसान नहीं था लेकिन आप दोनों ने कर दिखाया।"
दिल्ली में पेट्रोल इस समय 89.88 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। डीजल भी 80.27 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। जनवरी और अबतक फरवरी को मिला दें तो पेट्रोल की कीमतों में 6.07 रुपये का इजाफा हुआ है। मुंबई में पेट्रोल 96.32 रुपये पर पहुंच गया है, जो कि मेट्रो शहरों में सबसे ज्यादा है।
भारत ने बुधवार को सऊदी अरब और अन्य वैश्विक तेल उत्पादकों से कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती का स्तर कम करने की अपील की है। भारत ने कहा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने से आर्थिक पुनरुद्धार और मांग प्रभावित हो रही है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने कहा कि अगले कुछ महीनों तक तेल कीमतों के बजाए मांग में पुनरुद्धार को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
राजस्थान के गंगानगर जिले में सामान्य पेट्रोल के दाम भी बुधवार को 100 रुपये प्रति लीटर को पार कर गए थे। बुधवार को गंगानगर में पेट्रोल 100.13 रुपये व डीजल 92.13 रुपये प्रति लीटर बिका। (navbharattimes.indiatimes.com)


