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DISHA RAVI / FACEBOOK
टूलकिट मामला: बीजेपी सांसद पीसी मोहन ने लिखा, ‘बुरहान वानी और कसाब भी 21 साल के थे’
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और ‘बेंगलुरु सेंट्रल’ संसदीय क्षेत्र से पार्टी के सांसद पीसी मोहन ने पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि की तुलना मुंबई के 26/11 हमले में पकड़े गए पाकिस्तानी चरमपंथी मोहम्मद अजमल आमिर क़साब से की है.
पीसी मोहन ने ट्विटर पर लिखा है, “बुरहान वानी भी 21 वर्ष का था. अजमल क़साब भी 21 वर्ष का ही था. उम्र बस एक संख्या है. कोई भी क़ानून से ऊपर नहीं है. क़ानून को अपना काम करने दीजिये. एक अपराध, हमेशा अपराध ही रहेगा.”
अपने इस ट्वीट के साथ उन्होंने #DishaRavi का इस्तेमाल किया है और दिशा रवि की एक तस्वीर भी पोस्ट की है.
भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और ‘बेंगलुरु सेंट्रल’ संसदीय क्षेत्र से पार्टी के सांसद पीसी मोहन ने पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि की तुलना मुंबई के 26/11 हमले में पकड़े गए पाकिस्तानी चरमपंथी मोहम्मद अजमल आमिर क़साब से की है.
उन्होंने लिखा है कि ‘जो लोग दिशा रवि का बचाव कर रहे हैं, उन्हें दिल्ली पुलिस के बयान को पढ़ना चाहिए.’
पीसी मोहन ने दिल्ली पुलिस का वो ट्वीट भी शेयर किया है, जिसमें लिखा है, “दिशा रवि उस टूलकिट की एडिटर हैं. वे उसे तैयार करने और उसे सोशल मीडिया पर सर्कुलेट करने वाले मुख्य साज़िशकर्ताओं में हैं. उन्होंने ही उस टूलकिट के अंतिम ड्राफ़्ट को बनाने वाली टीम के साथ काम किया था ताकि भारत के ख़िलाफ़ नफ़रत फैलाई जा सके. दिशा ने ही ग्रेटा थनबर्ग के साथ ये टूलकिट शेयर की थी.”
भाजपा सांसद पीसी मोहन विदेश मामलों पर बनी संसदीय समिति के सदस्य भी हैं. उनके ट्वीट को सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है.
उनके बाद, पार्टी की प्रवक्ता नुपुर शर्मा ने भी इस संबंध में ट्विट किया. उन्होंने लिखा, “किसी अपराध का उम्र या लिंग से कोई लेना-देना होता है? पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के हत्याकाण्ड में शामिल महिलाएं भी कथित रूप से 17 या 24 वर्ष की थीं. निर्भया के रेपिस्ट और उसकी हत्या करने वालों में भी एक 17 वर्ष का था.”
What do gender and age have to do with crime?
— Nupur Sharma (@NupurSharmaBJP) February 14, 2021
Former PM Rajiv Gandhi’s assassin was a woman and allegedly either 17 or just 24.
Nirbhaya’s rapist and murderer was all of 17.
Yeah.#DelhiPolice
रविवार को दिल्ली की एक अदालत ने 22 वर्षीय पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि को पाँच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया था.
शनिवार शाम दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 'टूलकिट मामले' में बेंगलुरु से दिशा को गिरफ़्तार किया था.
दिशा ने बेंगलुरु के एक प्राइवेट कॉलेज से बीबीए की डिग्री ली है और वो पर्यावरण के लिए काम करने वाली संस्था 'फ़्राइडेज़ फ़ॉर फ़्यूचर' के संस्थापक सदस्यों में से एक हैं.
हालांकि, दिशा को पुलिस हिरासत में भेजे जाने पर कई क़ानून के जानकारों ने सवाल उठाये हैं.
लिखा जा रहा है कि 'महिला का प्रतिनिधित्व करने के लिए कोर्ट में वकील की मौजूदगी सुनिश्चित किये बिना, जज ने उन्हें पाँच दिन की पुलिस कस्टडी में भेजने का आदेश कैसे दिया?'
उनके वकील की मौजूदगी के बिना उन्हें पुलिस कस्टडी में भेजने को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है.
सोशल मीडिया पर दिशा के समर्थन में भी बहुत से लोगों ने लिखा है.
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, संयुक्त किसान मोर्चा ने भी पर्यावरण कार्यकर्ता दिशा रवि की गिरफ़्तारी को लेकर दिल्ली पुलिस की आलोचना की है और उन्हें जल्द से जल्द रिहा करने की माँग की है. (bbc.com)
Samyukta Kisan Morcha condemns arrest of climate activist #DishaRavi by Delhi Police in toolkit case, demands her immediate release
— Press Trust of India (@PTI_News) February 14, 2021


