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हरियाणा के कृषि मंत्री का एक वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है.
पत्रकारों से बातचीत के दौरान हरियाणा की मनोहर लाल खट्टर सरकार में कृषि मंत्री जेपी दलाल कह रहे थे कि किसान अपने घरों में होते तब भी मरते.
एक पत्रकार ने उनसे दिल्ली की सीमाओं पर विरोध-प्रदर्शन के दौरान किसानों की मौत को लेकर सवाल पूछा था. इसी के जवाब में दलाल ने कहा कि वे अपने घर पर होते तब भी मरते. हलाँकि बाद में उन्होंने सफ़ाई दी और कहा कि उनके बयान को ग़लत तरीक़े से पेश किया गया है.
द इंडियन एक्सप्रेस अख़बार में छपी एक ख़बर के अनुसार यह वीडियो शनिवार को भिवानी में हुए कार्यक्रम का है.
इसमें केंद्र सरकार के लागू किए गए कृषि क़ानूनों को लेकर दिल्ली की सीमाओं पर विरोध कर रहे 200 किसानों की मौत पर मीडिया के एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "ये घर में होते तो भी मरते. यहां नहीं मर रहे हैं क्या? मेरी बात सुन लो लाख दो लाख में से दो सौ छह महीने में नहीं मरते क्या? कोई हार्ट अटैक हो के मर गया, कोई बुख़ार हो के मर गया."
इस वीडियो को दिल्ली की आम आदमी पार्टी ने भी शेयर किया है.
हरियाणा की भाजपा सरकार में कृषि मंत्री जे पी दलाल का शर्मनाक बयान-
— AAP (@AamAadmiParty) February 13, 2021
"अगर किसान आंदोलन में नहीं मरते तो घर पर मरते" pic.twitter.com/7LHEGD4gFl
जब कृषि मंत्री से पूछा गया कि दुर्घटना में दस लोगों के मरने पर प्रधानमंत्री शोक ज़ाहिर करते हैं लेकिन किसानों के मामले में ऐसा नहीं है, तो उन्होंने कहा, "ये हादसे में नहीं मरे न, ये स्वेच्छा से मरे हैं. मरे हुए के प्रति पूरी पूरी संवेदनाएं हैं."
हालांकि उनके बयान को लेकर विवाद शुरू होने के बाद उन्होंने माफ़ी मांगी और कहा कि सोशल मीडिया पर उनके बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया जा रहा है.
उन्होंने कहा, "अगर मेरे बयान से किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं उनसे माफ़ी मांगता हूं." (bbc.com)


