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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर 13 फरवरी। बिलासपुर की केंद्रीय जेल के कम्प्यूटर से चाइल्ड पोर्नोग्राफ़ी का वीडियो अपलोड करने का मामला सामने आया है। सिविल लाइन पुलिस ने प्रारम्भिक जांच के बाद केंद्रीय जेल में हत्या के मामले में एक सजायाफ्ता बंदी के खिलाफ आईटी एक्ट की धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। मामले को विवेचना मे लिया गया है ।
सिविल लाइन थाना के टीआई शनिप रात्रे ने बताया कि वर्ष 2010 से हत्या के मामले मे एक सजायाफ्ता बंदी त्रिलोचन देवांगन कम्प्यूटर का जानकार है। उससे केंद्रीय जेल के जे॰ जे॰ सेक्शन मे कम्प्यूटर संबंधी कामकाज लिया जाता था । विगत दिनों नई दिल्ली स्थित एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकार्ड्स ब्यूरो) से रायपुर स्थित पुलिस हेडक्वार्टर के साइबर क्राइम विभाग के पास यह सूचना भेजी गई। साइबर क्राइम टीम ने संबन्धित आईपी एड्रेस आदि को सर्च किया और बिलासपुर पुलिस को मामले मे आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिये।
सिविल लाइन पुलिस के अनुसार आईपी एड्रेस केंद्रीय जेल, बिलासपुर का है जहां के जे॰ जे॰ सेक्शन मे रखे कम्यूटर से त्रिलोचन देवांगन ने अपना साइट बनाकर 12 जुलाई 2020 को चाइल्ड पोर्नोग्राफी का वीडियो अपलोड कर दिया। पुलिस ने विगत 10 फरवरी को देवांगन के खिलाफ आईटी एक्ट की धारा 67 ए और बी के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया। मामले की विवेचना जारी है।
उधर, केंद्रीय जेल के प्रभारी जेल अधीक्षक आर आर राय ने बताया कि जांजगीर निवासी त्रिलोचन देवांगन वर्ष 2010 से 302 के अपराध मे केंद्रीय जेल मे आजीवन कारावास की सजा भुगत रहा है। वह कंप्यूटर का जानकार है इसलिए उससे जूनियर जेलर लेखा शाखा मे इससे संबन्धित काम लिया जाता था। पुलिस ने अनुसार देवांगन ने जेल के कम्यूटर से चाइल्ड पोर्न का वीडियो अपलोड किया था जिसकी जांच चल रही है। उन्होने बताया कि संभवतः पासवर्ड, आई डी बंद करने मे कोई चूक हो जाने के वक्त उसने यह गलत काम किया होगा। मामला सिद्ध हो जाने पर देवांगन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।


