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राज्य का कोवैक्सीन लगाने से इंकार, पौने दो लाख टीके खराब होने की कगार पर
10-Feb-2021 1:32 PM
राज्य का कोवैक्सीन लगाने से इंकार, पौने  दो लाख टीके खराब होने की कगार पर

सिंहदेव की केन्द्र को चिट्ठी, ट्रायल पूरा नहीं हुआ है इसलिए उपयोग लायक नहीं

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 10 फरवरी।
यह एक ऐसा मामला है कि जिसमें पौने दो लाख कोरोना टीका खराब होने के कगार पर है। केन्द्र सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए कोवैक्सीन की खुराक भेजी है, जिसे लगाने से छत्तीसगढ़ सरकार ने साफ इंकार कर दिया है। इस सिलसिले में स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने केन्द्र सरकार को चिट्ठी लिखी है, और कहा है कि कोवैक्सीन न भेंजे। क्योंकि इसके तीसरे चरण का ट्रायल नहीं हुआ है। ऐसे में ये उपयोग करने योग्य नहीं होते हैं। 

केन्द्र सरकार ने कोरोना से बचाव के लिए फ्रंट लाइन वर्करों को टीका लगाने का अभियान शुरू किया है। सभी राज्यों को दो तरह के टीके भेजे गए हैं। छत्तीसगढ़ में भी फ्रंट लाइन वर्करों को कोरोना टीका लग रहा है। यहां सिर्फ कोविशील्ड टीका लगाया जा रहा है। जबकि कोवैक्सीन का उपयोग शुरू नहीं हुआ है। स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होंने छत्तीसगढ़ में चल रहे कोरोना टीकाकरण अभियान की जानकारी दी है। साथ ही उन्होंने आग्रह किया कि कोवैक्सीन टीका न भेजा जाए, क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार इसका उपयोग नहीं करेगी। 

हाल यह है कि कोवैक्सीन की पौने दो लाख की खुराक पहुंच चुकी है, और यह अभी रखी हुई है। मई तक इसका उपयोग नहीं हुआ, तो यह खराब हो जाएगी। राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. अमर सिंह ठाकुर ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि कोवैक्सीन नहीं लगाने का फैसला सरकार का है। इसलिए इसका उपयोग नहीं हो रहा है। अब तक 67 प्रतिशत फ्रंट लाइन वर्करों को कोविशील्ड की खुराक दी जा चुकी है।

दूसरी तरफ, स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव ने केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि 16 जनवरी 2021 से छत्तीसगढ़ के सभी जिलों में कोविड टीकाकरण अभियान चल रहा है, जिसमें हेल्थ केयर वर्कर्स टीकाकरण कर रहे हैं। हमने अपने टीकाकरण कवरेज को और बेहतर बनाने के लिए अपने फ्रंट-लाइन वर्कर्स का टीकाकरण शुरू किया है। टीम छत्तीसगढ़ द्वारा लगाए गए प्रयासों के परिणामस्वरूप, अब तक कोरोना वैक्सीन की पहली खुराक के साथ 1,67,852 से अधिक हेल्थ केयर वर्कर्स का टीकाकरण किया जा चुका है, जो हमारे लक्ष्य का 61 फीसदी से अधिक है।

 उन्होंने आगे कहा कि हमने मार्च के महीने में कोवैक्सीन वैक्सीन खुराक, कोवैक्सीन की 37,760 और 1,49,120 खुराक की संख्या प्राप्त की है। मैंने पहले ही कोवैक्सीन के उपयोग के संबंध में समुदाय के बीच चिंताओं को आपके साथ साझा किया है। हम कोवैक्सीन खुराक के साथ अपने लाभार्थियों का टीकाकरण करने से अधिक खुश होंगे, जब एक बार तीसरे चरण का परीक्षण हो जाए। परीक्षणों का परिणाम पूरा हो जाएगा और इसको साझा किया जाएगा। अभी तक कोवैक्सीन नहीं भेजें, क्योंकि टीके आमतौर पर आपातकालीन परीक्षण के तहत उपयोग करने योग्य नहीं होंगे। इसलिए उन्होंने आग्रह किया है कि छत्तीसगढ़ राज्य को कोवैक्सीन की आपूर्ति करने के निर्णय पर पुनर्विचार करें ताकि जल्दी समाप्त होने वाली वैक्सीन खुराक बर्बाद न हो। 


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