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राकेश टिकैत बोले- पीएम मोदी अपना नंबर दे दें, हम कॉल पर बात कर लेंगे
06-Feb-2021 1:02 PM
राकेश टिकैत बोले- पीएम मोदी अपना नंबर दे दें, हम कॉल पर बात कर लेंगे

नई दिल्‍ली, 6  फरवरी। किसान नेता राकेश टिकैत के मुताबिक, आंदोलनकारी किसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत को तैयार हैं। उन्‍होंने कहा कि वे पीएम मोदी के न्‍योते का इंतजार कर रहे हैं। मोदी ने पिछले दिनों सर्वदलीय बैठक में कहा था कि उनकी सरकार किसानों से बातचीत से बस एक फोन कॉल दूर है। पीएम ने कहा था कि कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को किसान नेता जब चाहें, तब फोन कर लें और बातचीत शुरू कर दें। इसपर राकेश टिकैत ने कहा कि पीएम मोदी अपना नंबर उन्‍हें दे दें ताकि वे फोन कर सकें। टिकैत दिल्‍ली और उत्‍तर प्रदेश के बीच, गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन का नेतृत्‍व कर रहे हैं।

कौन सा नंबर है? नंबर दे दो। हमने अपना नंबर उनको दे रखा है। मैंने नंबर सार्वजनिक कर रखा है। उस नंबर पर लोग मुझे गाली देते हैं। तो प्रधानमंत्री भी अपना नंबर दे दें। हम कॉल कर लेंगे उनको। राकेश टिकैत, भारतीय किसान यूनियन

आज चक्‍का जाम कर रहे किसान
संयुक्त किसान मोर्चा ने 6 फरवरी को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चक्का जाम करने का फैसला किया है। इस पर राकेश टिकैत ने कहा, "उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसान शनिवार को सड़क पर जाम नहीं लगाएंगे, बल्कि शांतिपूर्वक जिला मुख्यालय और तहसील मुख्यालय पर ज्ञापन देंगे।" टिकैत ने कहा कि "यूपी और उत्तराखंड के किसानों को स्टैंड बाई में रखने का फैसला लिया गया है।" उन्‍होंने कहा क‍ि 'आंदोलन को बैकअप देने के लिए यूपी और उत्तराखंड के एक लाख किसानों को बैकअप में रखा गया। वह अभी आराम करें और खेती बाड़ी करें।'

आंसू बहाकर बच नहीं सकते टिकैत
भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री केजे अल्फोंस ने शुक्रवार को राज्यसभा में कहा कि राकेश टिकैत 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद आंसू बहाकर बच नहीं सकते। अल्फोंस ने कहा, ‘‘श्रीमान टिकैत, आप आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं और लोगों को लाठी डंडे लेकर अपने साथ आने के लिए कहते हैं फिर आप आखिर में आंसू गिरा कर कहते हैं कि माफ करें, मुझे इसके बारे में पता नहीं था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब आप सरकार के खिलाफ नफरत के बीज बोते हैं..... जब आप चरमपंथ के बीज बोते हैं...... लाल किला में जो हुआ वह राजद्रोह था। अगर यह राजद्रोह नहीं था तो मुझे बताएं कि यह क्या था।’’

किसानों ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड निकाली थी। परेड के दौरान हिंसा हो गई और स्थिति नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा तथा आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। हिंसा के दौरान एक समूह लाल किला भी पहुंच गया और उसने ध्वज स्तंभ पर धार्मिक झंडा लगा दिया। इस घटनाक्रम के बाद राकेश टिकैत सफाई देते हुए भावुक होकर रो पड़े थे।

ये खालिस्तानियों कि फौज ले के एक देशभक्त को धमका रहा है। सबसे इसको और सब खालिस्तानियों को अंदर करो सब आंदोलन खत्म हो जाएगा। किसान तो वह है है नहीं अपने खेत जोतने में व्यस्त है। (navbharattimes.indiatimes.com)


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