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सलमान के ब्रांड ने की अवैध वसूली, उपभोक्ता फोरम ने ठोका जुर्माना
07-Oct-2020 4:48 PM
 सलमान के ब्रांड ने की अवैध वसूली,  उपभोक्ता फोरम ने ठोका जुर्माना

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर 7 अक्टूबर।  जिला उपभोक्ता फोरम (अब आयोग) ने उपभोक्ता राजेश मंगल अग्रवाल द्वारा दायर किए गए दो परिवाद पर मंगलवार 6 अक्टूबर को फैसला सुनाया है। उपभोक्ता आयोग ने कपड़ों पर अंकित एमआरपी पर स्कीम के अनुसार छूट राशि घटाकर इस राशि में कर (टैक्स) की राशि जोडक़र उपभोक्ता से प्राप्त करने को विधिविरुद्ध माना है। आयोग ने दोनों मामलों में अलग-अलग, प्रतिवादीगणों को 45 दिन की अवधि के भीतर अतिरिक्त रूप से वसूली गई जीएसटी की रकम तथा आवेदक को मानसिक क्षति का 8000 रुपए था परिवाद व्यय 2000 रूपये प्रदान करने का आदेश दिया है।

न्यायालयीन सूत्रों से मिली अधिकृत जानकारी के अनुसार परिवादी राजेश मंगल ने पिछले वर्ष लिंक रोड स्थित ट्रैफिक जाम शॉप से बीइंग ह्यूमेन तथा रामा मैग्नेटो माल स्थित पेंटालून शॉप से कपड़ों की खरीदारी की थी । परिवादी ने ट्रैफिक जाम शॉप के मामले में उसके मुम्बई स्थित मुख्य संचालक द सलमान खान फाउंडेशन और मंधाना रिटेल वेन्चर्स लिमिटेड तथा पेंटालून शॉप के मामले में आदित्य बिड़ला फाउंडेशन एंड रिटेल लिमिटेड, मुम्बई को भी प्रतिवादी बनाया था। यह परिवाद राजेश मंगल ने उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 12 के अंतर्गत प्रतिवादियों के विरुद्ध कपड़ों के अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर छूट का प्रलोभन देकर सामान खरीदते वक्त जीएसटी जोडक़र अतिरिक्त राशि लेकर अनुचित व्यापारिक व्यवहार एवं सेवा में कमी किये जाने के आधार पर प्रस्तुत की थी।

जिला उपभोक्ता आयोग के समक्ष दोनों मामलों में उभय पक्षों के अधिवक्ताओं को सुनने के बाद आयोग के अध्यक्ष उत्तरा कुमार कश्यप और सदस्य  रीता बरसैंया ने पाया कि प्रतिवादियों ने एमआरपी पर स्कीम के अनुसार छूट राशि घटाकर इस राशि में कर (टैक्स) की राशि जोडक़र उपभोक्ता से प्राप्त की है जो विधिअनुसार अनुचित है।

उपभोक्ता आयोग ने प्रतिवादियों को निर्देशित करते हुए यह आदेश पारित किया है कि दोनों मामलों में अलग-अलग, प्रतिवादीगण आदेश तिथि के 45 दिन की अवधि के भीतर अतिरिक्त रूप से वसूली गई जीएसटी की रकम आवेदक को अदा करेंगे तथा आवेदक को मानसिक क्षति का 8000 रुपए तथा परिवाद व्यय 2000 रु भी प्रदान करेंगे ।


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