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प्रदेशभर में 15 से अधिक मामले
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 5 अक्टूबर। भारतीय पुलिस सेवा के सीनियर अफसर डीजी आरके विज दोबारा कोरोना संक्रमित हो गए हैं। वे होम क्वॉरंटीन हैं। उनकी सेहत बेहतर बताई गई है। इससे पहले डीआईजी स्तर के अफसर ओपी पाल भी दोबारा संक्रमित हो गए थे।
बताया गया कि छत्तीसगढ़ में 15 से अधिक लोग ऐसे हैं, जो कि दोबारा कोरोना की चपेट में आए हैं। आरके विज ने रविवार को कोरोना टेस्ट कराया, जिसमें उनकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। हालांकि कोरोना का लक्षण मामूली है, और वे होम क्वॉरंटीन हैं। उनकी सेहत बेहतर है।
श्री विज महीनाभर पहले भी कोरोना पॉजिटिव हुए थे, लेकिन दो दिन बाद ही उनकी रिपोर्ट निगेटिव आ गई थी। उनके परिवार के कई सदस्य भी कोरोना की चपेट में आ गए थे। डीआईजी ओपी पाल भी दोबारा कोरोना संक्रमित हुए थे। पाल भी तकरीबन ठीक हो चुके हैं।
दोबारा कोरोना पॉजिटिव प्रकरण पर राज्य कोरोना नियंत्रण अभियान के प्रमुख डॉ. सुभाष पाण्डेय का कहना है कि कोरोना मरीज के ठीक होने के बाद भी वायरस के अवशेष शरीर में करीब डेढ़ महीने तक रह सकते हैं। लक्षण दिखने पर उन्हें दोबारा भर्ती भी होना पड़ सकता है, लेकिन लक्षण न होने पर भर्ती होने की जरूरत नहीं है। डॉक्टर की सलाह पर घर में ही रहकर दवा ले सकते हैं। कुछ दिनों पहले राजिम से एक-दो केस इसी तरह के आए थे।
उनका कहना है कि कोरोना जांच में एक बार पॉजिटिव आए मरीजों को ठीक होने के बाद दोबारा जांच कराने की जरूरत नहीं है। यह डब्ल्यूएचओ की गाइड लाइन में भी है। कई बार किसी भी तरह का कोई लक्षण न दिखने पर अस्पताल से जल्दी डिस्चार्ज कर दिए जाते हैं। ऐसे मरीज अगर दोबारा अपनी कोरोना जांच कराते हैं, तो कई बार पॉजिटिव आ भी जाते हैं। ऐसे मरीजों को लक्षण न दिखने पर घर में आराम बहुत जरूरी है।


