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‘छत्तीसगढ़’ का संपादकीय : सेहतमंद जिंदगी के लिए फॉर्मूले बहुत कठिन नहीं
15-Jan-2026 9:12 PM
‘छत्तीसगढ़’ का  संपादकीय : सेहतमंद जिंदगी के लिए फॉर्मूले बहुत कठिन नहीं

छत्तीसगढ़ के बस्तर में कल एक टैक्सी चलाते हुए ड्राइवर को शायद हार्टअटैक आया, और उसकी गाड़ी गड्ढे में जा गिरी। दो लोगों की मौत हुई, और 16 लोग घायल हो गए। अभी हम गाड़ी ओवरलोड होने, नशे में चलाने, खतरनाक रफ्तार जैसे पहलुओं पर बात नहीं कर रहे हैं। लेकिन अगर अधिक सवारियों को लेकर जाने वाले ड्राइवरों की सेहत अचानक ऐसी खराब होती है, तो बहुत सी जिंदगियां खतरे में पड़ती हैं। इसीलिए मुसाफिर विमानों में आमतौर पर एक से अधिक पायलट होते हैं, और दोनों में से कोई भी किसी इमरजेंसी में अकेले भी विमान पर काबू पा सकते हैं, या उसे उतार सकते हैं। सडक़ पर चलने वाली गाडिय़ों में ऐसी सहूलियत नहीं रहती, और ड्राइवर पर ऐसे किसी अटैक से बड़े हादसे का खतरा खड़ा हो जाता है। इसी घटना की खबर में लिखा हुआ है कि ड्राइवर को पिछले कुछ दिनों से ब्लड प्रेशर बढ़े होने की शिकायत थी। इस हादसे से परे भी हम देखते हैं कि आजकल किस तरह जवान लोग भी खड़े-खड़े गुजर जाते हैं, उन्हें अस्पतालों की सहूलियतों का भी फायदा पाने की नौबत नहीं आती।

ऐसे में यह बात समझने की जरूरत है कि न सिर्फ लंबी उम्र के लिए, बल्कि बेहतर सेहत के लिए भी लोगों को जीवनशैली में छोटे-छोटे से फर्क लाने चाहिए जिससे उन्हें बड़ा फायदा हो सकता है। आज की ही एक दूसरी खबर एक बड़ी वैज्ञानिक पत्रिका, द लैंसेट जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के नतीजे बताती है कि रोज पांच मिनट तेज रफ्तार चलने से मौत का खतरा दस फीसदी तक कम हो सकता है। यह अध्ययन चार अलग-अलग देशों में कुल 60 हजार लोगों पर किया गया था, और शोधकर्ताओं का कहना है कि बेहतर नींद, थोड़ी सी कसरत, और खाने में सुधार से जिंदगी की क्वालिटी, और उम्र दोनों में बड़ा सुधार हो सकता है। खबर यह भी बताती है कि रिसर्च नतीजा यह भी है कि दिन भर बैठकर काम करने वाले लोग अगर बीच में 30 मिनट के लिए उठ जाएं, तो उनके अचानक मरने का खतरा सात फीसदी तक कम हो सकता है।
ये बातें कुछ लोगों को गैरजरूरी लग सकती हैं कि उनके परिवार के बुजुर्ग ऐसी ही बातें बड़बड़ाते रहते थे। लेकिन हम अपने अखबार में, और अपने यूट्यूब चैनल इंडिया-आजकल पर लगातार सेहत से जुड़ी बातों को बढ़ावा देते हैं, और सेहत के लिए खतरनाक बातों के प्रति लोगों को आगाह भी करते हैं। आज इस नई वैज्ञानिक खबर आने के साथ ही एक बार फिर हम अपने पसंदीदा विषय पर लोगों के सामने कुछ वैज्ञानिक बातों को रख रहे हैं। जिंदगी के लिए सबसे अधिक जरूरी एक संतुलित और सादा खाना होता है। हमारे खानपान से ही बेहतर नींद हो सकती है, और एक संतुलित खानपान से हम जीवनशैली की गड़बड़ी से होने वाली डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, या दिल की बीमारियों से काफी हद तक बच सकते हैं। अगर घर का बना हुआ साधारण खाना खाया जाए, तो वह सेहत के लिए असाधारण फायदेमंद होता है। आज संपन्नता और शहरी सहूलियतों के चलते हुए लोग बाजार का चटपटा, और तरह-तरह के रसायनों वाला खाना खा लेते हैं, और वहीं से सेहत बिगडऩा शुरू होता है। हमने इस मुद्दे पर लिखने के पहले एआई से कुछ जानकारियां मांगी, तो उसका कहना है कि थाली का आधा हिस्सा सब्जियों और फलों का होना चाहिए। इसके साथ-साथ दाल, चना, राजमा जैसा प्रोटीन भी लेना जरूरी है। खाने के साथ-साथ दिन भर में समय-समय पर पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है।
 
अगला मुद्दा शारीरिक हलचल का रहता है जिसके लिए किसी खानपान या दवाई की जरूरत नहीं रहती, सिर्फ आदत डालनी होती है। अगर लोग रोज आसपास के किसी भी मैदान, बगीचे, तालाब के चारों तरफ, या किसी सुरक्षित सडक़ किनारे आधा-पौन घंटा तेज चलें, साइकिल चलाएं, तैर सकें, योग करें, या सार्वजनिक जगहों पर म्युनिसिपल की लगवाई गई कसरत की मशीनों पर कसरत करें, तो बीमारियां उनसे खासी दूरी पर ही थम जाएंगी। इसके साथ-साथ रोज के कामकाज में ऐसी तरकीबों को ढूंढना होगा कि कहां पर सीढ़ी चढ़ सकें, आसपास कौन सी जगहों पर पैदल जा सकें। इनमें से किसी भी चीज में कोई खर्च नहीं है, और बदन को सेहतमंद रखने के लिए किसी जिम का खर्च जरूरी नहीं है।
 

एक और जरूरी बात नींद को लेकर है, अगर नींद अच्छी रहे, तो कई बीमारियां दूर रहती हैं, और दिन भर बदन कड़ी मेहनत के लिए भी साथ देता है। लेकिन अच्छी नींद के लिए जरूरी दो चीजों में से एक तो रात को सादा खाना, और सोने के कम से कम तीन घंटे पहले खा लेना है। ऐसा करने से लोगों को नींद बेहतर आ सकती है, लेकिन आज की आधुनिक जीवनशैली में एक तीसरी चीज भी जरूरी हो गई है, टीवी, कम्प्यूटर, या मोबाइल की स्क्रीन से सोने के कुछ घंटे पहले से दूर रहना। लोग तब तक स्क्रीन को देखते रहते हैं, जब तक उनका सिर न लुढक़ने लगे, ऐसे में कभी भी अच्छी नींद नहीं आ सकती। अच्छी नींद कई तरह की बीमारियों से दूर रखती है।
 
एक मुद्दे पर हम तकरीबन रोज ही बोलते और लिखते हैं कि तम्बाकू और किसी भी दूसरे किस्म के नशे से लोगों को दूर रहना चाहिए। किसी भी तरह का नशा बाकी तमाम अच्छी आदतों को कुचलते हुए आपको गंभीर बीमारी लाकर दे सकता है, देता ही है, और इसमें सबसे बुरी बीमारी तम्बाकू से उपजने वाले कैंसर की रहती है, जो कि कैंसर की एक सबसे आम किस्म है। नशे से दूर रहना, और दोस्तों के साथ रहना, ये दोनों बातें जरूरी हैं क्योंकि अगर आप दूसरों के साथ अच्छी तरह उठते-बैठते नहीं हैं, आज ऑनलाइन जिंदगी के चलते आपको बिना किसी से मिले भी अकेलापन नहीं लगता, तो यह सेहतमंद बात नहीं है। लोगों से मिलना-जुलना मानसिक और शारीरिक दोनों किस्म की सेहत के लिए जरूरी है। लेकिन याद रहे कि आसपास किसी और के सिगरेट-बीड़ी पीने पर भी उस धुएं से आपको कैंसर का खतरा उतना ही रहता है, इसलिए अपनी संगत ठीक रखें।
 
अब जब आज यह संपादकीय एक सलाह या नसीहत किस्म का ही हो रहा है, तो चलते-चलते एक-दो बातें और कर लें, एक तो लोगों को अपने दांत-मुंह से लेकर बाकी बदन तक को साफ-सुथरा रखने की आदत डालनी चाहिए। दांतों की कुछ किस्म की गंदगी से लोगों को दिल की बीमारियां हो सकती हैं, यह वैज्ञानिक तथ्य है, लेकिन लापरवाह लोगों के गले यह आसानी से नहीं उतरेगा। इसके साथ-साथ कुछ भी खाने-पीने के पहले, और जूते पहनने-उतारने के पहले-बाद हाथ धोने की आदत डाल लेना भी आपको कुछ किस्म की बीमारियों से दूर रखेगा। आज की एक आखिरी सलाह यह है कि समय रहते अपनी उम्र और सेहत की जरूरत के मुताबिक मेडिकल जांच करवाते रहना चाहिए क्योंकि मुसीबत आने के पहले अगर जांच हो जाती है, तो उसका इलाज आसान, सस्ता, और असरदार हो सकता है। इन बातों को ध्यान से पढ़ें, और अपने दोस्तों को भी बांटें, क्योंकि वे भी अगर सेहत की मुसीबत में फंसेंगे, तो कुछ न कुछ बोझ तो आप पर भी आएगा, और आपको भी बुरा लगेगा।  

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