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ममता बनर्जी की पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बारे में क्या कहा?
16-Jan-2026 9:20 AM
ममता बनर्जी की पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों के बारे में क्या कहा?

आठ जनवरी को कोलकाता में ईडी की छापेमारी हुई थी. इस छापेमारी में दख़ल के आरोप को लेकर ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी. इस पर गुरुवार को सुनवाई हुई.

लाइव लॉ के अनुसार, सर्वोच्च अदालत ने ममता बनर्जी को नोटिस जारी करते हुए दो हफ़्ते के भीतर काउंटर हलफनामा दाख़िल करने का आदेश दिया है. अगली सुनवाई तीन फ़रवरी 2026 को होगी.

अदालत के आज के फ़ैसले पर तृणमूल कांग्रेस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

टीएमसी नेता कुणाल घोष ने कहा, "यह क़ानूनी मामला है जो अभी कोर्ट में है... इस स्टेज पर हम इस पर कोई राजनीतिक कमेंट नहीं करना चाहते. हमारे सीनियर वकील और शीर्ष नेतृत्व इस पर विचार कर रहे हैं.”

उन्होंने कहा, “लेकिन हमारा पक्ष है कि ये मामला 2020 या 2021 का है. इतने साल क्या वो सो रहे थे? आज जब बंगाल में चुनाव है तो वो रेड कर रहे हैं, प्रतीक जैन के घर पर. उस समय आई-पैक के प्रमुख कौन थे, प्रशांत किशोर. आज इसलिए रेड की जा रही है क्योंकि वो कंपनी हमारी पार्टी के चुनावी अभियान का कंसल्टेंट है और उसके पास हमारी पार्टी के कैंपेन की डिटेल, योजना आदि है. ये डेटा बीजेपी वाले ईडी का दुरुपयोग कर उसे लूटना चाहते थे."

“इसलिए हमारी लीडर ममता बनर्जी ने टीएमसी की अखिल भारतीय अध्यक्ष होने के नाते, अपनी पार्टी के डेटा बेस को बचाने की हर संभव कोशिश की.”

उधर पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर कहा, "ये दिखाता है कि देश में क़ानून का शासन है. कोई भी क़ानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता. जो भी क़ानून को अपने हाथ में लेने की कोशिश करेगा, उसे जवाब देना होगा."

आज सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनावाई में अदालत ने आई-पैक में जांच के लिए पहुंचे ईडी अधिकारियों के ख़िलाफ़ पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से एफ़आईआर दर्ज करने पर भी रोक लगा दी है.

लाईव लॉ के अनुसार, सुनवाई के दौरान सर्वोच्च अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए, 9 जनवरी को कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई को रोकने की कोशिश के बारे में चिंता ज़ाहिर की.

ईडी ने जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ के सामने कहा कि '9 जनवरी की सुनवाई को रोकने के लिए टीएमसी ने अदालत में इकट्ठा होने के लिए व्हाट्सएप पर संदेश प्रसारित किए थे कि हर कोई पहुंचे.'

इस पर जस्टिस मिश्रा ने कहा, 'सभी पहुंचें, मानो यह जंतर मंतर है!' (bbc.com/hindi)


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