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पदयात्रा में रोक और स्क्रैनिंग के बाद बम्लेश्वरी के होंगे दर्शन
26-Sep-2020 1:53 PM
पदयात्रा में रोक और स्क्रैनिंग के बाद बम्लेश्वरी के होंगे दर्शन

दूसरे राज्यों के भक्तों पर पांबदी

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 26 सितंबर।
कोरोना वायरस संक्रमण के प्रतिकूल असर से क्वांर नवरात्रि में मां बम्लेश्वरी के दशनार्थियों को हेल्थ स्क्रैनिंग की जांच के बाद ही दर्शन करना होगा। वही चैत नवरात्रि के बाद अगले माह क्वांर नवरात्रि में भी डोंगरगढ़ में आयोजित होने वाले मेले के साथ पदयात्रा पर भी प्रशासन ने रोक लगा दी है। 

2020 की शुरूआत में कोरोना वायरस के धमक से धार्मिक रिवाजों पर विपरीत असर पड़ा है।  डोंगरगढ़ में हर साल प्रदेश समेत देश और विदेश से लाखों भक्त मनोकामना लेकर दर्शन के लिए आते रहे है। कोरोना पांबदी के कारण मां बम्लेश्वरी का दर जहां सूना पड़ गया है वहीं फूल-प्रसाद का कारोबार करने वाले दुकानदारों के सामने जीवकोपार्जन की समस्या खड़ी हो गई है। 

बताया जाता है कि दूसरे राज्यों के श्रद्वालुओं की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश से लाखों की तादाद में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते है। बताया जाता है कि डोंगरगढ़ के कंटेनमेंट जोन होने की वजह से प्रशासन ने सख्ती बरतते हुए सभी पांबदी लगा दी है। 

इस संबंध में मंदिर ट्रस्ट समिति के अध्यक्ष नारायण अग्रवाल ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि बाहरी दर्शनार्थियों पर रोक लगा रहेगी। सिर्फ स्थानीय श्रद्वालुओं को ही स्वास्थ्य जांच के बाद दर्शन की अनुमति मिलेगी। श्री अग्रवाल ने कहा कि दर्शन से पहले भक्तो को सेनेटाईज किया जाएगा। मास्क लगाकर ही मंदिर परिसर में प्रवेश की इजाजत होगी। उन्होंने कहा कि दर्शनार्थियों के साथ ही मंदिर कर्मियों को भी रोज सेनेटाईज किया जाएगा।
 
बताया जाता है कि पदयात्रा पर रोक लगाने के लिए प्रशासन पहले से ही तैयारी में था। मेले के संबंध में आयोजित बैठक में कलेक्टर टीके वर्मा ने कहा कि कोविड-19 के कारण मेला, पदयात्रा औैर बाहरी भक्तों पर प्रतिबंध लगाया गया है। बताया जाता है कि मौजूदा साल में दोनों मेले में प्रतिबंध होने की वजह से भक्तों को दर्शन के लिए तरसना पड़ रहा है। चैत के बाद क्वांर नवरात्रि में भक्तों को मां के दर्शन होने की उम्मीद थी। बीते तीन माह से कोरोना ने समूचे जिले को अपने जद में लिया है। इस बीमारी के रोकथाम के लिए सोशल डिस्टेंसिंग को प्रमुख हथियार माना जा रहा है। जिसके चलते प्रशासन ने भीड़ से बचने के लिए क्वांर नवरात्रि में होने वाले सभी कार्यक्रमों पर रोक लगा दी है।


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