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‘छत्तीसगढ़’ न्यूज डेस्क
रायपुर, 25 सितंबर। डीजीपी डी.एम. अवस्थी ने बस्तर के आईजी को निर्देश दिया है कि सुकमा जिले के बुर्कापाल के जिन 120 लोगों को नक्सल हमले के सिलसिले में गिरफ्तार करके जेल में रखा गया है उनकी जल्द निष्पक्ष सुनवाई सुनिश्चित करें। उन्होंने एक अखबार की रिपोर्ट देखते हुए यह चिट्ठी लिखी है।
अंग्रेजी अखबार हिन्दुस्तान टाईम्स के संवाददाता रितेश मिश्रा ने बस्तर जाकर यह रिपोर्ट की थी कि बुर्कापाल के पास सीआरपीएफ पर हुए एक बड़े नक्सल हमले के बाद आधा दर्जन गांवों से 120 आदिवासियों को गिरफ्तार करके तीन बरस से जेल में रखा गया है, लेकिन उनके मामले की सुनवाई भी शुरू नहीं हुई है। इस अखबार से लेकर यह रिपोर्ट ‘छत्तीसगढ़’ में भी पहले पन्ने पर प्रकाशित हुई थी।
डीजीपी अवस्थी ने आईजी को लिखा है कि वे इस मामले में निजी दिलचस्पी लें ताकि सुनवाई शुरू हो सके।
अप्रैल 2017 में सुकमा जिले के बुर्कापाल के पास एक नक्सल हमले में सीआरपीएफ के 25 लोग शहीद हुए थे। इसके बाद आसपास के लोगों को पुलिस ने अंधाधुंध बंद कर दिया था। इस मामले की अदालत में सुनवाई ही आगे नहीं बढ़ रही है, और इन आदिवासियों की वकील बेला भाटिया का कहना है कि बेकसूर लोगों को इस मामले में बंद कर दिया गया है।


