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गोबर बेचने वालों के खाते में 8 करोड़ ट्रांसफर
25-Sep-2020 12:54 PM
गोबर बेचने वालों के खाते में 8 करोड़ ट्रांसफर

केंद्र के कृषि बिल पर फिर बरसे सीएम 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 25 सितंबर।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुक्रवार को गौधन न्याय योजना के मद की चौथी किश्त करीब 8 करोड़ रूपए हितग्राहियों  के खाते में ट्रांसफर किए। इस मौके पर श्री बघेल ने केन्द्र सरकार के कृषि सुधार बिल की आलोचना की और कहा कि बिल से किसान अपने खेतों में मजदूर बन जाएंगे। किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी उपज नहीं बेच पाएंगे। 

मुख्यमंत्री ने अपने निवास कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में गोबर बेचने वाले हितग्राहियों के खाते में करीब 8 करोड़ रूपए ट्रांसफर किए। गोबर बेचने वाले हितग्राहियों को हर 15 दिन में राशि का भुगतान किया जाता है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने केन्द्र सरकार के कृषि सुधार बिल को लेकर भी अपने विचार व्यक्त किए। 

उन्होंने कहा कि बिल के प्रभावशील होने के बाद किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अपनी उपज नहीं बेच पाएंगे। श्री बघेल ने कहा कि केन्द्र सरकार ने पहले ही बोनस देने पर रोक लगा दिया था। राज्य सरकार 25 सौ रूपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदना चाहती थी।  मगर ऐसा नहीं होने दिया गया। इसके बाद राज्य सरकार ने राजीव न्याय योजना के जरिए किसानों को अंतर की राशि का भुगतान कर रही है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून के प्रभावशील होने के बाद मंडी के बाहर खरीदी-बिक्री होगी और मंडी व्यवस्था पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। देशभर में कानून का विरोध हो रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि राज्य का विषय है। इसलिए कानून बनाने से पहले सभी राज्य सरकारों से इसको लेकर चर्चा की जानी चाहिए थी। राज्य की अनुमति के बिना कानून बनाना हितकारी नहीं है।
 
मुख्यमंत्री ने कांट्रेक्ट फार्मिंग का जिक्र करते हुए कहा कि इससे किसान अपने खेतों में मजदूर बन जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह बिल किसानों के उपभोक्ताओं के हित में नहीं है। इसको तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। 


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