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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 22 सितंबर। प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनआरएचएम) के कर्मचारियों के हड़ताल में फूट पड़ गई है। कई जिलों में कर्मचारी काम पर वापस आ गए हैं। हड़ताली कर्मचारियों से चर्चा भी चल रही है, और कई की बर्खास्तगी भी हुई है।
एनआरएचएम की डायरेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने ‘छत्तीसगढ़’ से चर्चा में कहा कि कई जगहों पर कर्मचारी काम पर वापस आ गए हैं। महासमुंद में 60 कर्मचारियों के आने की कलेक्टर ने जानकारी दी है। बाकियों से भी चर्चा चल रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी के दौर में हड़ताल उचित नहीं है। डायरेक्टर ने यह भी कहा कि महामारी के दौर में हड़ताल करने पर कर्मचारियों को नोटिस दी गई थी। उसके अनुरूप कार्रवाई भी की जा रही है।
बताया गया कि एनआरएचएम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष समेत कई कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कोरोना संक्रमण काल में हड़ताल को लेकर सरकार सख्त है और उनकी मांगों पर चर्चा के लिए तैयार नहीं है। महासमुंद, अभनपुर और रायपुर के अलावा कुछ जगहों पर हड़ताली कर्मचारियों में फूट पड़ गई है और कई काम पर लौट आए हैं।
बताया गया कि कर्मचारियों ने अपनी तरफ से बिना वेतन के सेवा देने की पेशकश की है, लेकिन सरकार बिना शर्त के ही काम पर लौटने के लिए दबाव बनाए हैं। कर्मचारियों की हड़ताल का असर स्वास्थ्य व्यवस्था पर दिखाई देने लगा है। प्रदेश में 19 सितंबर को सिर्फ 13,685 टेस्टिंग की जांच हुई। 20 सितंबर को टेस्टिंग 11,246 पर जा पहुंची। सरकार ने दावा किया कि जल्द ही टेस्टिंग बढ़ा दी जाएगी।


