ताजा खबर

‘केन्द्र की राशि में अनियमितता कर अपनी योजनाओं में लगा रही राज्य सरकार’
22-Sep-2020 4:41 PM
‘केन्द्र की राशि में अनियमितता कर अपनी योजनाओं में लगा रही राज्य सरकार’

भाजपा सांसदों का केन्द्रीय मंत्री से हस्तक्षेप का आग्रह

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 22 सितंबर।
प्रदेश के भाजपा सांसदों ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार मनरेगा सहित अन्य केन्द्रीय योजनाओं की राशि में भारी अनियमितता कर अपनी योजनाओं की क्रियान्वयन में लगा रही है। पार्टी के सांसदों ने इस सिलसिले में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर से मुलाकात की और उनसे आग्रह किया कि केन्द्रीय योजनाओं के समुचित क्रियान्वयन के लिए राज्य सरकार का दिशा निर्देश दें।

सांसद सुनील सोनी के अलावा बिलासपुर सांसद अरूण साव, विजय बघेल, गुहाराम अजगले, गोमती साय और मोहन मंडावी ने मंगलवार को केन्द्रीय मंत्री श्री तोमर से मुलाकात कर केन्द्रीय योजनाओं में अनियमितता की तरफ उनका ध्यान आकृष्ट कराया। भाजपा सांसदों ने बताया कि केन्द्र में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के रूप में अति महत्वाकांक्षी योजना बनाई गई है। वर्तमान में राज्य सरकार इस योजना से लोगों को वंचित करने के लिए साल भर हितग्राहियों को किश्तों का भुगतान नहीं करती है और नए आवास भी स्वीकृत नहीं किए जा रहे हैं। 

उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि से भी राज्य के किसानों को वंचित करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है। ऐसे में राज्य के 
सभी किसानों को उक्त योजना का समुचित लाभ प्राप्त हो इस हेतु उपाय किया जाना जरूरी है। भाजपा सांसदों ने कहा कि आज संपूर्ण छत्तीसगढ़ में गांवों में विकास के जो भी कार्य हो रहे हैं वह केन्द्र सरकार द्वारा स्वीकृत मनरेगा एवं अन्य योजनाओं की राशि से ही हो रहा है। 

भाजपा सांसदों ने कहा कि राज्य सरकार का एक रूपए का भी योगदान नहीं है। राज्य सरकार मनरेगा सहित अन्य केन्द्रीय योजनाओं राशि में भारी अनियमितता कर अपनी योजनाओं के क्रियान्वयन में लगा रही है। केन्द्र सरकार की योजनाओं की राशि का समुचित उपयोग सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। मनरेगा की राशि नियमत: ग्राम पंचायत एवं ग्राम सभा द्वारा प्रस्तावित कार्यों पर ही खर्च किया जाना है। 

उन्होंने बताया कि केन्द्र सरकार ग्राम पंचायतों के मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति हेतु वित्त आयोग के माध्यम से एक बड़ी राशि उपलब्ध कराती है, किन्तु राज्य सरकार उक्त राशि से भी ग्राम पंचायतों को वंचित कर रही है। राज्य सरकार ने 14वें वित्त आयोग की राशि का उपयोग क्वारंटाइन सेंटरों की व्यवस्था में एवं गौठान में खर्च कराई है। उक्त राशि को राज्य सरकार वापस करे ताकि इस राशि का उपयोग ग्राम पंचायत अपने मूलभूत आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए खर्च कर सके।
 
केन्द्र सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं में दी जा रही राशि का मद परिवर्तन कर राशि का दुरूपयोग किया जा रहा है साथ ही मनरेगा की राशि का व्यय भी अन्य मदों में खर्च किया जा रहा है जिससे ग्रामीण जन रोजगार से वंचित हो रहे हैं। भाजपा सांसदों ने इस पूरे मामले में केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री से हस्तक्षेप कर राज्य सरकार को दिशा निर्देश देने का आग्रह किया है। 


अन्य पोस्ट