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सुनें ऑडियो : छोटे कर्मचारी ने कोरोना ड्यूटी कर रहे सरकारी डॉक्टर को दी धमकी, गंदी गालियां, प्रशासनिक अफसर गिड़गिड़ाता रहा !
21-Sep-2020 5:55 PM
सुनें ऑडियो : छोटे कर्मचारी ने कोरोना ड्यूटी कर रहे सरकारी डॉक्टर को दी धमकी, गंदी गालियां,  प्रशासनिक अफसर गिड़गिड़ाता रहा !

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
भिलाई नगर, 21 सितंबर।
जिले के चीफ प्रोग्राम ऑफिसर डॉक्टर संजीव दुबे के साथ फोन पर अपशब्द का प्रयोग करने वाले एसडीएम के रीडर के खिलाफ अपर कलेक्टर को जांच अधिकारी बनाया गया है।

होम आइसोलेशन फॉर्म प्राप्त करने के लिए एसडीएम दुर्ग के रीडर संतोष कुमार त्रिपाठी के द्वारा कल सीपीएम डॉक्टर संजीव दुबे को फोन किया गया था और होम आइसोलेशन के लिए फॉर्म मांगा जा रहा था। जिस पर डॉक्टर दुबे के द्वारा उनसे आग्रह किया गया कि कोरोना टेस्ट की दो  रिपोर्ट प्राप्त हुई है। जिसमें 1 में आपको पॉजिटिव बताया गया है और एक में नेगेटिव इसलिए टेस्ट रिपोर्ट स्पष्ट होने के बाद ही होम आइसोलेशन का फॉर्म उपलब्ध कराया जा सकेगा। 

लेकिन संतोष कुमार त्रिपाठी के द्वारा जिद करते हुए डॉ संजीव दुबे पर दबाव बनाया गया और अपनी ऊंची पहुंच का हवाला देते हुए  लगातार अपशब्दों का प्रयोग किया गया। इस पर भी डॉक्टर दुबे के द्वारा उन्हें समझाइश दी गई कि आइसोलेशन फॉर्म देने के बाद आपको घर पर ही 14 दिन के लिए क्वॉरेंटाइन होना पड़ेगा बाद में रिपोर्ट नेगेटिव होने पर आप ही आपत्ति दर्ज कराएंगे। इसके बाद भी  श्री त्रिपाठी द्वारा धमकाया गया कि डॉ संजीव दुबे की शिकायत  फॉर्म नहीं देने के कारण कलेक्टर से भी की जाएगी। 

इस पर डॉ दुबे ने साथ में मौजूद अपर कलेक्टर  बीरेंद्र बहादुर पंच भाई से भी बात कराई गई अपर कलेक्टर के द्वारा दी गई समझाइश को भी नकारते हुए श्री त्रिपाठी के द्वारा डॉक्टर संजीव दुबे के साथ अपना दुव्र्यवहार जारी रखा और लगातार उन्हें अपशब्दों के द्वारा संबोधित किया जाता रहा। जबकि डॉक्टर दुबे के द्वारा उन्हें यह भी समझाने का प्रयास किया गया कि वे अपनी 13 वर्षीय बिटिया की कोरोना से मौत के बाद भी बिना श्राद्ध किए कलेक्टर के आदेश पर कोविड-19 के लिए ड्यूटी कर रहे हैं। 

इस 7 मिनट के चर्चा का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ा इस संबंध में ‘छत्तीसगढ़’ द्वारा आज जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से सवाल पूछने पर डॉक्टर गंभीर सिंह ठाकुर ने कहा कि यह मामला प्रकाश में आया है और इसकी जांच अपर कलेक्टर वीरेंद्र बहादुर पंच भाई के द्वारा की जा रही है।
 
‘छत्तीसगढ़’ द्वारा अपर कलेक्टर से इस संबंध में संपर्क किए जाने पर उनके द्वारा विभागीय मामला होने के कारण इस विषय में कोई भी जानकारी सार्वजनिक करने से इंकार कर दिया गया।


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