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मेडिकल कॉलेज के फार्मासिस्ट ने फांसी लगाई, आत्महत्या नोट में लिखा जीने की इच्छा नहीं
17-Sep-2020 9:51 PM
 मेडिकल कॉलेज के फार्मासिस्ट ने फांसी लगाई,  आत्महत्या नोट में लिखा जीने की इच्छा नहीं

छत्तीसगढ़' संवाददाता

अंबिकापुर,17 सितंबर। बीती रात अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के फार्मासिस्ट राजेंद्र राजवाड़े ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। फार्मासिस्ट युवक ने जहां फांसी लगाई है, वहीं पास पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला है जिसमें लिखा है कि उसकी जीने की इच्छा नहीं है, इसलिए वह मरना चाहता है। वह अपनी मौत का जिम्मेदार स्वयं है। युवक की मौत से परिवार सदमे में है।

पुलिस के अनुसार दरिमा थाना क्षेत्र के ग्राम कुनकुरी निवासी राजेंद्र राजवाड़े पिता ईश्वर राजवाड़े (41) मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में फार्मासिस्ट के पद पर पदस्थ था। वह अम्बिकापुर नगर के नमनाकला स्थित वसुंधरा सन सिटी में किराया का घर लेकर अपनी पत्नी व 10 वर्षीय बेटे के साथ रहता था। बुधवार की दोपहर वह ड्यूटी से लौटा और पत्नी व बेटे के साथ अपने गांव दरिमा पितृपक्ष कार्यक्रम में गया था। गांव से शाम 6 बजे वह अपनी पत्नी और बेटे को लेकर वापस अम्बिकापुर आ गया था। रात लगभग 10 बजे वह लैपटॉप में अपने बेटे के साथ बैठकर कुछ फोटोग्राफ्स देख रहा था। कुछ देर बाद पत्नी व बेटा सोने लगे। इसी बीच वह अचानक कमरे से बाहर बरामदे में निकला और पत्नी के दुपट्टे का फंदा बनाकर फांसी लगा लिया। 

रात करीब 12 बजे उसकी पत्नी उठी तो अपने पति को कमरे में ना देख कमरे से बाहर निकली तो बरामदे में पति का शव फांसी के फंदे से लटकते देखा। सूचना पर गांधीनगर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरु की। गुरुवार सुबह पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर पीएम पश्चात परिजन को सौंप दिया। 


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