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मुंबई , 10 सितम्बर। अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले में रिया चक्रवर्ती पर मुख्यधारा की मीडिया संस्थाओं की कवरेज पर एमेनेस्टी इंडिया ने कड़ी आपत्ति जताई है.
मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली संस्था एमनेस्टी इंडिया के एक्ज़िक्यूटिव डायरेक्टर अविनाश कुमार ने एक बयान जारी करते हुए कहा है, ''न्याय के लिए निष्पक्ष ट्रायल सबसे ज़्यादा ज़रूरी है. ये अधिकार छीना जाना एक अभियुक्त के लिए भी उतना ही बड़ा अन्याय है जितना की एक पीड़ित के लिए.''
जिस तरह से कुछ लोगों, ख़ासकर रिया चक्रवर्ती और उनके परिवार वालों को मीडिया चैनल्स ने अपमानित किया है, वह सरासर ग़लत है.
मीडिया एजेंसियों को निश्चित रूप से न्याय तंत्र को जवाबदेह बनाने में भूमिका निभानी चाहिए लेकिन वह एक निष्पक्ष और प्रभावी कानूनी प्रक्रिया का विकल्प नहीं बन सकती. ''
निष्पक्ष ट्रायल भारतीय संविधान के तहत हर नागरिक का अधिकार है.
कुमार कहते हैं, ''रिया चक्रवर्ती को लेकर कई महिला विरोधी टिप्पणियां की गई हैं, मीडिया में ऑर्टिकल लिखे गए, अफ़वाहें फैलाई गईं. इस मामले की कवरेज ने बड़ी संख्या में दर्शकों को आकर्षित किया है जिसके परिणामस्वरूप रिया के ख़िलाफ़ ऑनलाइन हिंसा दुर्व्यवहार के की बातें की जा रही हैं. ऐसा करना एक पीड़ित को न्याय से दूर ले जाता है और अभियुक्त को निष्पक्ष ट्रायल से. ये किसी के लिए उचित नहीं है. ''
सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग्स की लेन-देन के मामले में गिरफ़्तार अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती को 22 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. उन्हें एनसीबी ने 8 सितंबर को गिरफ़्तार किया था.
उनके भाई शौविक चक्रवर्ती और सुशांत के पूर्व मैनेजर सैमुअल मिरांडा को एनसीबी पहले ही गिरफ़्तार कर चुकी है.
सुशांत सिंह राजपूत की मौत के मामले की जांच सीबीआई कर रही है लेकिन यह गिरफ़्तारी एनसीबी ने ड्रग्स के लेन-देन के मामले में की है. इस केस में मनी लॉड्रिंग के मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय कर रहा है. इस तरह इस केस की जांच तीन केंद्रीय जांच एजेंसियां कर रही हैं.(BBCNEWS)


