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डीजीजीआई रायपुर की बड़ी कार्रवाई, अग्रिम जमानत की कोशिश नाकाम
कर चोरी एवं फर्जी बिलिंग सिंडिकेट के विरुद्ध एक महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 16 जून। महानिदेशालय जीएसटी इंटेलिजेंस रायपुर की टीम ने मेसर्स ओम किरण इस्पात उद्योग के पार्टनर हरीश वाधवानी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर अधिनियम, 17 की धारा 69(1) के अंतर्गत की गई है। जांच में यह पाया गया कि उन्होंने वास्तविक माल की प्राप्ति के बिना लगभग ₹6.93 करोड़ के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ प्राप्त किया एवं उसका उपयोग किया।
यह कार्रवाई एडिशनल डायरेक्टर जनरल सुजीत मलिक के नेतृत्व वाली टीम ने की।
डीजीजीआई को मिली सूचना की जांच के दौरान यह सामने आया कि M/s ओम किरण इस्पात उद्योग, अस्तित्वहीन, फर्जी एवं गैर-संचालित फर्मों के बहु-स्तरीय नेटवर्क के माध्यम से अवैध आईटीसी प्राप्त करने के संगठित रैकेट में संलिप्त था। करदाता के जीएसटीआर 2 एवं अन्य अभिलेखों की जांच से यह भी पता चला कि बड़ी मात्रा में फर्जी आईटीसी ऐसे जीएसटी पंजीकरणों से प्राप्त किया गया था, जिन्हें बाद में निलंबित अथवा निरस्त कर दिया गया।
जांच के दौरान यह भी पाया गया कि आरोपी पिछले लगभग पाँच माह से फरार चल रहा था। गिरफ्तारी से पूर्व उसने अग्रिम जमानत के लिए विभिन्न न्यायालयों का दरवाजा खटखटाया था, जिसे अंततः माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा भी अस्वीकार कर दिया गया। इसके उपरांत डीजीजीआई अधिकारियों द्वारा उसे गिरफ्तार किया गया।
वर्तमान में मामले की विस्तृत जांच जारी है। फर्जी बिलिंग नेटवर्क, धन के प्रवाह तथा अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की गहन जांच की जा रही है। जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर आने वाले समय में इस प्रकरण में अन्य व्यक्तियों की गिरफ्तारी भी की जा सकती है।
डीजीजीआई ने स्पष्ट किया है कि फर्जी बिलिंग, कर चोरी एवं राजस्व को क्षति पहुंचाने वाले संगठित नेटवर्क के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगी।


