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बिहार-झारखंड तक फैले नेटवर्क का पर्दाफाश
लूटे गए सोना-चांदी के जेवर और हथियार बरामद
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, 11 जून। कोटमीकला साप्ताहिक बाजार में सराफा कारोबारी प्रदीप सोनी की गोली मारकर हत्या और लाखों रुपये के सोना-चांदी की लूट के मामले में पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने तकनीकी और मानवीय खुफिया तंत्र की मदद से सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से घटना में प्रयुक्त देशी कट्टे, जिंदा कारतूस, लूटा गया सोना-चांदी और अन्य सामग्री बरामद की गई है।
मालूम हो कि 26 मई 2026 को कोटमीकला साप्ताहिक बाजार में सराफा व्यापारी प्रदीप सोनी पर उस समय हमला हुआ, जब वे कारोबार समेटकर लौट रहे थे। आरोपियों ने सोना-चांदी से भरा बैग लूटने का प्रयास किया। व्यापारी द्वारा विरोध करने पर एक आरोपी ने अवैध हथियार से गोली चला दी। गंभीर रूप से घायल प्रदीप सोनी को पुलिस पेट्रोलिंग वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद पुलिस ने हत्या, लूट और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने स्वयं घटनास्थल का निरीक्षण कर आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए थे। इसके बाद गौरेला-पेंड्रा-मरवाही सहित बिलासपुर रेंज के विभिन्न जिलों की संयुक्त टीमों को जांच में लगाया गया।
जांच के दौरान सामने आया कि मुख्य आरोपी खुशीराम साहू ने साप्ताहिक बाजारों में आने वाले सराफा व्यापारियों की गतिविधियों की जानकारी जुटाई थी। इसके बाद उसने बिहार और झारखंड के अपने परिचितों के साथ मिलकर लूट की साजिश रची। 23 मई को बिहार और झारखंड से आए आरोपी उसके बिलासपुर जिले के बिटकुला स्थित घर पहुंचे थे, जहां पूरी योजना तैयार की गई।
पुलिस के अनुसार 26 मई की शाम करीब सात बजे आरोपियों ने प्रदीप सोनी को निशाना बनाया। गोली मारकर हत्या करने के बाद वे सोना-चांदी लेकर फरार हो गए। घटना के बाद आरोपी अलग-अलग रास्तों से भाग निकले। कुछ आरोपी जंगल और पहाड़ी क्षेत्रों में छिपे रहे, जबकि तीन आरोपी बिहार और झारखंड लौट गए।
जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, मुखबिरों की सूचना और पूछताछ के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। मुख्य आरोपी खुशीराम साहू तथा अन्य आरोपियों की निशानदेही पर लूट के जेवर, हथियार और कारतूस बरामद किए गए। कुछ जेवर रेलवे ट्रैक के पास छिपाकर रखे गए थे, जिन्हें भी जब्त कर लिया गया।
पुलिस ने बिहार के बांका जिले से राहुल उर्फ मनीष मंडल, बांका के ही सुजीत उर्फ सरगुन उर्फ राजू दास तथा झारखंड के गोड्डा जिले से संतोष कुमार दास को गिरफ्तार किया। जांच में यह भी सामने आया कि इन आरोपियों के खिलाफ पहले से लूट और चोरी के कई मामले दर्ज हैं।
बरामद सामग्री में दो देशी कट्टे, चार जिंदा कारतूस, एक खाली खोखा, 40 ग्राम सोना, 4 किलो 480 ग्राम चांदी, सात मोबाइल फोन, दो मोटरसाइकिल और एक स्विफ्ट कार शामिल है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले में शामिल सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने अपराध में अपनी भूमिका स्वीकार की है। इस कार्रवाई में जिला पुलिस, साइबर सेल, एसीसीयू और बिलासपुर रेंज की संयुक्त टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


