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पुलिस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन युवकों से लाखों की ठगी, आरक्षक गिरफ्तार
11-Jun-2026 2:03 PM
पुलिस में नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन युवकों से लाखों की ठगी, आरक्षक गिरफ्तार

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

कोरबा, 11 जून। पुलिस विभाग में आरक्षक की नौकरी दिलाने का झांसा देकर तीन बेरोजगार युवकों से तीन लाख रुपये से अधिक की रकम वसूलने वाले पुलिस आरक्षक को बालको पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी राजनांदगांव जिले में पदस्थ था और नौकरी लगवाने के नाम पर युवकों से रकम लेकर उन्हें लंबे समय तक गुमराह करता रहा। पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज कर आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।

पुलिस के अनुसार आरोपी दिगंबर प्रसाद कंवर, ग्राम कोरकोमा का निवासी है और राजनांदगांव जिला पुलिस में आरक्षक के पद पर पदस्थ था। उसकी पहचान गांव के ही नरेंद्र पटेल से हुई थी, जो नौकरी की तलाश में था। नरेंद्र ने पुलिस विभाग में भर्ती होने की इच्छा जताई तो दिगंबर ने वरिष्ठ अधिकारियों से अच्छे संबंध होने का दावा करते हुए नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया।

शिकायत के मुताबिक आरोपी ने आरक्षक की नौकरी लगवाने के एवज में साढ़े तीन लाख रुपये की मांग की थी। नरेंद्र पटेल ने अग्रिम राशि के रूप में 1.25 लाख रुपये नकद और ऑनलाइन माध्यम से दिए। इसी तरह मटमर निवासी गणेशी राठिया और केराकछार निवासी उमाशंकर राठिया से भी आरोपी ने कुल 2.50 लाख रुपये लिए।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने यह रकम अपने रिश्तेदार खेमलाल कंवर के बैंक खाते में जमा कराई थी। नौकरी मिलने की उम्मीद में तीनों युवक लंबे समय तक इंतजार करते रहे, लेकिन भर्ती नहीं हुई।

पीड़ितों का आरोप है कि जब भी वे नौकरी की प्रगति के बारे में पूछते, आरोपी कोई न कोई बहाना बनाकर बात टाल देता था। समय बीतने के साथ उन्हें ठगी का एहसास होने लगा और उन्होंने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू कर दी। इसके बावजूद आरोपी लगातार आश्वासन देता रहा।

बताया गया है कि पीड़ितों के दबाव के बाद अप्रैल 2026 में आरोपी ने 25 हजार रुपये लौटाए थे। उसने 50 रुपये के स्टाम्प पेपर पर लिखित रूप से पूरी रकम वापस करने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन बाद में वादा पूरा नहीं किया।

सोमवार को नरेंद्र पटेल और गणेशी राठिया ने बालको थाना पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी युवराज तिवारी ने तत्काल अपराध दर्ज कराया और आरोपी की तलाश के लिए टीम गठित की।

पुलिस टीम ने आरोपी को उसके गृह ग्राम कोरकोमा से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने नौकरी दिलाने के नाम पर रकम लेने की बात स्वीकार कर ली। जांच के दौरान बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी बरामद किए गए हैं।

पुलिस के अनुसार जिस खाते में रकम जमा कराई गई थी, वह आरोपी के रिश्तेदार का है। ऐसे में उसकी भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार आरोपी आरक्षक पहले से ही किसी अन्य मामले में निलंबित चल रहा था।


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