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प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा 9 सूत्रीय ज्ञापन
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 10 जून। खरीफ सीजन की शुरुआत से पहले खाद, बीज, डीजल और बिजली की समस्या को लेकर मंगलवार को बिलासपुर में कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) और किसान कांग्रेस के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में सैकड़ों किसान और कांग्रेस कार्यकर्ता बैलगाड़ियों तथा पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम 9 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
सुबह कांग्रेस भवन में बैठक के बाद रैली निकाली गई। आंदोलन के दौरान बड़ी संख्या में किसान पारंपरिक अंदाज में बैलगाड़ियों पर सवार होकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। सड़क पर उमड़े किसानों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के हुजूम को देखते हुए प्रशासन को अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ी। कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पुलिस बल तैनात किया गया और कुछ समय के लिए मुख्य गेट भी बंद रखना पड़ा।
कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने कहा कि किसान सुबह उम्मीद लेकर सहकारी समितियों और बाजारों का रुख करते हैं, लेकिन शाम तक उन्हें केवल लंबी कतारें, अव्यवस्था और निराशा ही हाथ लगती है। उन्होंने कहा कि सरकार को मंचीय भाषणों और स्वागत समारोहों से बाहर निकलकर किसानों की वास्तविक समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने कहा कि पेट्रोल पंपों पर जरीकैन में डीजल देने पर रोक और ट्रैक्टर लेकर आने की अनिवार्यता ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। दूसरी ओर अघोषित बिजली कटौती से सिंचाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है।
जिला कांग्रेस कमेटी (ग्रामीण) के अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने आरोप लगाया कि सरकार ने सत्ता में आते ही किसानों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि सहकारी समितियों में खाद और बीज की कमी है तथा प्रति एकड़ एक बोरी खाद की सीमा तय कर किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है।
सौंपे गए ज्ञापन में प्रति एकड़ खाद वितरण की सीमा समाप्त करने, तीन किस्तों में खाद वितरण की व्यवस्था वापस लेने, जरीकैन में डीजल देने पर लगी रोक हटाने, कृषि बिजली दरों में वृद्धि वापस लेने, अघोषित बिजली कटौती रोकने, खाद की कालाबाजारी पर नियंत्रण, किसान क्रेडिट कार्ड की सीमा 40 हजार रुपये प्रति एकड़ करने, कृषि उपज का एकमुश्त भुगतान और लंबित अनुदान राशि का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गई।
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में सड़क जाम, जेल भरो आंदोलन और व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शन के कारण कलेक्ट्रेट के सामने लगभग दो घंटे तक यातायात प्रभावित रहा और लोगों को वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करना पड़ा।


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