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सकालो पिग फार्म पहुंचे भोपाल के वैज्ञानिक
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
अंबिकापुर, 6 जून। शासकीय सुकर फार्म सकालो (अंबिकापुर) में अफ्रीकन स्वाइन फीवर (एएसएफ) वैक्सीन का ट्रायल जारी है। देश में पहली बार इस वैक्सीन का परीक्षण किया जा रहा है, जिसे भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज (एनआईएचएसएडी) के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है। ट्रायल मार्च माह से शुरू हुआ है और इसकी निगरानी के लिए भोपाल से वैज्ञानिकों की टीम समय-समय पर अंबिकापुर पहुंच रही है।
फार्म प्रबंधक डॉ. अजय अग्रवाल ने बताया कि वैक्सीन परीक्षण एनआईएचएसएडी, भोपाल द्वारा संचालित किया जा रहा है। ट्रायल के निरीक्षण एवं मूल्यांकन के लिए वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वेंकटेश, डॉ. सेंथिल कुमार और डॉ. राजू कुमार नियमित रूप से फार्म का दौरा कर रहे हैं। यह कार्यवाही पशुपालन विभाग के संचालक के निर्देशानुसार की जा रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार अफ्रीकन स्वाइन फीवर सूअरों में होने वाली अत्यंत घातक वायरल बीमारी है, जिसकी मृत्यु दर काफी अधिक होती है। यह रोग घरेलू और जंगली दोनों प्रकार के सूअरों को प्रभावित करता है। वर्तमान में इस बीमारी का कोई प्रभावी उपचार उपलब्ध नहीं है और वैक्सीन अभी परीक्षण एवं अनुसंधान के चरण में है।
वरिष्ठ पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सी.के. मिश्रा ने बताया कि ट्रायल के दौरान सभी वैज्ञानिक मानकों एवं जैव-सुरक्षा (बायोसिक्योरिटी) उपायों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि वैक्सीन का परीक्षण सफल रहता है तो इसका लाभ न केवल भारत बल्कि अन्य देशों के सूकर पालकों को भी मिलेगा। इससे अफ्रीकन स्वाइन फीवर के कारण होने वाली भारी आर्थिक क्षति को रोकने में मदद मिलेगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में भारत सहित दुनिया के अधिकांश देशों में एएसएफ के लिए कोई पूर्ण रूप से स्वीकृत व्यावसायिक वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में अंबिकापुर में चल रहा यह ट्रायल पशुपालन एवं सूकर पालन क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि साबित हो सकता है।


