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कांग्रेस की फूलमती ने 85 मतों से मारी बाजी
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
राजनांदगांव, 4 जून। जिले के नवगठित घुमका नगर पंचायत में हुए पहले चुनाव में कांग्रेस ने अध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा कर लिया। कांग्रेस की फूलमती वर्मा ने भाजपा की किरण वर्मा को 85 मतों से शिकस्त दी। कांग्रेस और भाजपा के बीच हुए चुनावी मुकाबले में दोनों दल ने पूरी ताकत झोंक दी थी। भाजपा की चुनावी रणनीति को ध्वस्त कर कांग्रेस ने जीत का परचम लहराया। इसी के साथ घुमका नगर पंचायत को उनका पहला अध्यक्ष मिल गया।
हालांकि पार्षदों की संख्या के मामले में भाजपा की स्थिति बेहतर रही। 15 में से 10 पार्षद भाजपा के निर्वाचित हुए हैं। जबकि 4 में कांग्रेस और एक अन्य पार्षद निर्वाचित हुआ। 3209 मतदाता वाले इस नगर पंचायत में एक जून को 3031 मतदाताओं ने अभूतपूर्व उत्साह के साथ मतदान किया था। सत्तारूढ़ भाजपा ने चुनाव जीतने के लिए प्रदेशभर के नेताओं को झोंक दिया था। इसी तरह कांग्रेस ने भी प्रदेश स्तरीय नेताओं की जनसभा के जरिये अपने पक्ष में माहौल बनाने के लिए जोर लगाया था।
अनुमान लगाया जा रहा था कि कांग्रेस इस चुनाव में कमजोर प्रदर्शन कर सकती है। इसके पीछे सरकार से सीधा मुकाबले को एक वजह बताया जा रहा था, लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी फूलमती वर्मा की बेहतर छवि ने भाजपा के तमाम रणनीति को ध्वस्त कर दिया।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस का प्रदर्शन और भी बेहतर हो सकता था, लेकिन निर्दलीय एवं बागी प्रत्याशियों ने कांग्रेस की एक बड़ी जीत के अंतर को कम कर दिया। इधर आज हुए मतगणना में फूलमती वर्मा ने 1512 और भाजपा की किरण वर्मा ने 1427 मत हासिल किया। इस तरह 85 मतों से कांग्रेस उम्मीदवार श्रीमती वर्मा के सिर जीत का सेहरा बंधा। चुनावी नतीजों में आप पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा।
आप पार्टी ने चुनाव में बड़े दावे किए थे। जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सोनी (बबलू) ने आप पार्टी की जीत को तय मान लिया था। आप पार्टी की खराब रणनीति से पार्टी 3 अंको को नहीं छू पाई। यानी आम आदमी पार्टी को सिर्फ 70 मत मिले। मतदाताओं ने किसी भी दल के प्रत्याशी को नापसंद करते हुए 22 वोट नोटा को दिया। इस संबंध में उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रकाश टंडन ने 'छत्तीसगढ़Ó को बताया कि मतगणना में कांग्रेस प्रत्याशी 85 मतों से विजयी हुए हैं। चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष और शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।
कांग्रेस खेमे में जश्न, भाजपा में निराशा
घुमका नगर पंचायत चुनाव में मिली जीत के बाद कांग्रेस खेमे में जश्न का माहौल है। जबकि भाजपा में चुनावी हार से निराशा छाई हुई है। भाजपा के लिए यह हार करारा झटका है। वजह यह है कि सत्तारूढ़ दल होने की वजह से भाजपा यहां जीत के लिए पूरी तरह से आश्वस्त थी। भाजपा ने कांग्रेस के मुकाबले जमकर साधन-संसाधन का उपयोग किया। जबकि कांग्रेस आर्थिक तंगी और संसाधनों की कमी से जूझते हुए जीत का डंका बजाया। कांग्रेस के लिए यह इसलिए भी मायने रखती है, क्योंकि भाजपा ने न सिर्फ पार्टी नेताओं के जरिये, बल्कि सामाजिक नेताओं को भी चुनावी रण में उतारा था। भाजपा के कई बड़े नेताओं ने जंगी सभाएं कर कांग्रेस पर भरोसा नहीं करने की लोगों से अपील की थी। जबकि कांग्रेस ने भी आक्रमक अंदाज में भाजपा को मुंहतोड़ जवाब दिया। घुमका के चुनावी नतीजों को भाजपा को लिए एक सबक के रूप में देखा जा रहा है। पार्टी के स्थानीय नेताओं के तौर-तरीके को लेकर भी मतदाता असहज महसूस कर रहे थे। वहीं अतिआत्मविश्वास भी भाजपा की हार की एक वजह बनी। बहरहाल कांग्रेस ने तमाम विपरीत परिस्थितियों को पार करते शानदार जीत हासिल की।


