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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 4 जून। नीट परीक्षा में पेपर लीक और अनियमितताओं के विरोध में बुधवार को एनएसयूआई द्वारा आयोजित प्रदर्शन बिलासपुर में उस समय उग्र मोड़ ले गया, जब केंद्रीय राज्य मंत्री एवं बिलासपुर सांसद तोखन साहू के बंगले के घेराव के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। स्थिति नियंत्रण से बाहर होती देख पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें एनएसयूआई के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता घायल हो गए। पुलिस ने करीब एक दर्जन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया, जिन्हें बाद में निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
प्रदर्शन की शुरुआत नेहरू चौक में आयोजित सभा से हुई, जहां एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे के नेतृत्व में छात्र नेताओं, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सभा के बाद बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मंत्री के बंगले की ओर कूच कर गए।
संभावित विरोध को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने मंत्री के बंगले के आसपास व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की थी। नेहरू चौक से लेकर कलेक्टोरेट रोड तक तीन चरणों में बैरिकेड लगाए गए थे। सबसे पहले कंक्रीट स्टॉपर लगाए गए थे, जबकि बंगले के निकट टीन शीट की ऊंची दीवार खड़ी की गई थी। दोनों के बीच अतिरिक्त बैरिकेड और भारी पुलिस बल तैनात था।
प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने का प्रयास किया। कुछ कार्यकर्ता कंक्रीट स्टॉपर पर चढ़ गए और आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसी दौरान भिलाई विधायक देवेंद्र यादव पानी की तेज बौछार से संतुलन खो बैठे और उनका कुर्ता भी फट गया।
प्रदर्शन लगभग समाप्ति की ओर था और कई नेता लौट चुके थे। इसी बीच भिलाई विधायक देवेंद्र यादव एक पुलिस बस की छत पर चढ़ गए और वहां मौजूद कार्यकर्ताओं को संबोधित करने लगे। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बस पर चढ़कर उन्हें नीचे उतारा और अन्य प्रदर्शनकारियों के साथ हिरासत में ले लिया।
शाम करीब सात बजे कुछ प्रदर्शनकारी कलेक्टोरेट की ओर बढ़ने लगे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, जिसके विरोध में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नेहरू चौक पर धरना शुरू कर दिया। जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने और बसों में बैठाने का प्रयास किया, तब तनाव और बढ़ गया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
लाठीचार्ज में छह से अधिक कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारी सामने आई है। घायलों को उपचार के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं सिविल लाइन सीएसपी निमितेश सिंह ने बताया कि झड़प के दौरान कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं और उनका इलाज जारी है।
अस्पताल पहुंचकर घायल छात्रों से मुलाकात करने वाले एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने पुलिस कार्रवाई को बर्बर बताया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई तो संगठन संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करेगा।
वहीं भाजपा विधायक सुशांत शुक्ला ने कांग्रेस और युवा कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि जो लोग आज नैतिकता की बात कर रहे हैं, उन्होंने अपने शासनकाल में हुए भ्रष्टाचार पर कभी सवाल नहीं उठाए। उन्होंने प्रदर्शन को राजनीतिक नौटंकी बताया।
सभा को संबोधित करते हुए एनएसयूआई नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। विनोद जाखड़ ने कहा कि यह केवल परीक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि देश के युवाओं के भविष्य की लड़ाई है। प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे ने कहा कि नीट विवाद को लेकर देशभर में आंदोलन चलाया जा रहा है और बिलासपुर का प्रदर्शन उसी अभियान का हिस्सा है।
कांग्रेस नेताओं ने भी परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए व्यापक जनआंदोलन की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रदर्शन में भिलाई विधायक देवेंद्र यादव, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, शहर कांग्रेस अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा, जिला कांग्रेस अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री, पूर्व विधायक शैलेष पांडे सहित एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और कांग्रेस के बड़ी संख्या में पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता शामिल हुए।





