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ईद-उल-अज़हा पर खुले क्षेत्रों में न करें कुरबानी, सर्व समाज की आस्था का रखें ध्यान - डाॅ.राज
26-May-2026 10:40 AM
ईद-उल-अज़हा पर खुले क्षेत्रों में न करें कुरबानी, सर्व समाज की आस्था का रखें ध्यान - डाॅ.राज

रायपुर, 26 मई। परसों 28 मई  गुरूवार को पूरे देष में ईद-उल-अज़हा का त्योहार मनाया जाएगा ।ईद-उल-अज़हा की नमाज़  सुबह 06ः00 बजे से लेकर 11ः00 बजे तक प्रदेश की विभिन्न मस्जिद, ईदगाह में निर्धारित समय अनुसार अदा की जायेगी । यह त्योहार मुस्लिम धर्म में हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम व हज़रत इस्माईल अलैहिस्सलाम की याद में मनाया जाता है। इस दौरान 28 म‌ई को सूर्योदय से लेकर 30.05.2026 सूर्यास्त तक मुस्लिम समाज के साहिबे निसाब व्यक्ति द्वारा कुरबानी की जाती है। 
 
पैगम्बर साहब ने भी हमें संदेश दिया है कि हम जिस देश में रहते हैं वहां के संविधान का हमें आदर करना चाहिये, हमारे आस-पास में निवास करने वाले हमारे भाईयों की आस्था का आदर करना चाहिये, जिससे समाज में आपसी भाईचारा, अमन कायम रहे, इस्लाम धर्म, कुरआन व हदीस भी हमें सभी धर्मों के प्रति आस्था, आपसी भाईचारा, मोहब्बत और साम्प्रदायिक सौहार्द का संदेश देते हैं। कई बार यह देखा जाता है कि, कुछ लोगों द्वारा कुरबानी खुले क्षेत्र में की जाती है या कुरबानी करते समय वीडियो अथवा फोटो को सोशल मीडिया में वायरल किया जाता है जिससे हमारे बहुसंख्यक भाईयों को तकलीफ होती है, समाज का वातावरण दूषित होता है।   वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डा सलीम राज ने सभी मुस्लिम भाईयों से अपील की है कि, ईद उल अजहा के मौके पर खुले में या सार्वजनिक स्थनों पर कुरबानी बिल्कुल न करें, प्रतिबंधित पशुओं की कुरबानी न करें, कुरबानी की फोटो अथवा वीडियों सोशल मीडिया में वायरल न करें, कुरबानी का खून नालियों में न बहायें, अपषिष्ठ पदार्थ व खून गड्ढा खोदकर दफनायें, कुरबानी के बाद साफ-सफाई का ध्यान रखें, रोड में नमाज अदा न करें, जमात ज्यादा होने पर पूर्व वर्षों की भांति शिफ्टों (पाली) में ईद की नमाज की व्यवस्था करें, समाज में साम्प्रदायिक सौहार्द और आपसी भाईचारा कायम रख कर सभी समाज की आस्था का आदर करते हुए ईद-उल-अजहा के त्योहार को मनायें।

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