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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 26 मई। माखनपुर पंचायत में सरकारी राशि के गबन मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व सरपंच, सचिव और ठेकेदार को तीन दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। जांच में खुलासा हुआ कि स्कूल भवन, लाइब्रेरी और शौचालय निर्माण के नाम पर लाखों रुपये निकाल लिए गए, लेकिन मौके पर काम शुरू तक नहीं हुआ।
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर पाली एसडीएम द्वारा मामले की जांच कराई गई। जांच विकासखंड की ग्राम पंचायत माखनपुर में स्वीकृत निर्माण कार्यों में गड़बड़ी और फंड के दुरुपयोग से जुड़ी थी। इसमें स्वामी आत्मानंद स्कूल के लिए कंप्यूटर रूम और लाइब्रेरी निर्माण, हाई स्कूल भवन में शौचालय निर्माण तथा स्कूल भवन विस्तार कार्य शामिल थे।
जांच में पाया गया कि कंप्यूटर रूम और लाइब्रेरी निर्माण के लिए स्वीकृत 49 लाख 99 हजार रुपये में से 19 लाख 99 हजार 600 रुपये निकाल लिए गए। इसी तरह शौचालय निर्माण के लिए स्वीकृत 25 लाख 45 हजार रुपये में से 10 लाख 18 हजार रुपये और भवन विस्तार कार्य के लिए स्वीकृत 36 लाख 20 हजार रुपये में से 14 लाख 48 हजार रुपये आहरित कर लिए गए।
राशि निकालने के बावजूद निर्माण स्थल पर कोई काम शुरू नहीं हुआ था। जांच के बाद पाली एसडीएम एवं प्राधिकृत अधिकारी ने छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 की धारा 92 के तहत मामला दर्ज कर सुनवाई की।
सुनवाई के दौरान तत्कालीन सरपंच मनोज कुमार पोर्ते, तत्कालीन सचिव धीर साय और ठेकेदार मुजम्मिल अली रिजवी के खिलाफ सरकारी राशि के गबन के प्रमाण मिले। प्रशासन ने कुल 44 लाख 65 हजार 600 रुपये की वसूली तय की है। इसके तहत संबंधित लोगों से एक-तिहाई राशि यानी 14 लाख 88 हजार 533 रुपये वेतन और अन्य देयकों से वसूलने के आदेश जारी किए गए हैं।
इसके साथ ही तीनों आरोपियों को 25 मई से 27 मई तक सिविल जेल भेजने के आदेश भी दिए गए हैं।


