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महंत के बयान से छिड़ा सियासी विवाद
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
मनेंद्रगढ़, 26 मई। रामकथा कार्यक्रम में शामिल होने चिरमिरी पहुंचे स्वामी रामभद्राचार्य को लेकर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने तीखी टिप्पणी की है, जिसके बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है।
चिरमिरी में मीडिया से चर्चा के दौरान चरणदास महंत ने स्वामी रामभद्राचार्य को भाजपा का प्रचारक बताते हुए कहा कि वे पार्टी के प्रचार के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि मैं ऐसे व्यक्ति को न जगद्गुरु मानता हूं और न ही गांव का गुरु। महंत ने यह भी स्पष्ट किया कि वे उनका आशीर्वाद लेने नहीं जाएंगे।
दरअसल, स्वामी रामभद्राचार्य इन दिनों चिरमिरी में आयोजित रामकथा कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। इसी बीच उनके कार्यक्रम और बयानों को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।
वहीं, सांसद ज्योत्सना महंत ने भी इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि धर्म की आड़ में राजनीति नहीं होनी चाहिए। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे पहले भी स्वामी रामभद्राचार्य से मिल चुकी हैं और उनकी कथा में शामिल हो चुकी हैं।
ज्योत्सना महंत ने कहा कि उनके लिए जनता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और जनप्रतिनिधियों को निस्वार्थ भाव से काम करना चाहिए। उन्होंने विकास कार्यों और जनसेवा को अपनी प्राथमिकता बताया।


