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‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
कोरबा, 23 मई। तेज गर्मी और लू ने जनजीवन के साथ-साथ पशु-पक्षियों पर भी गहरा असर डालना शुरू कर दिया है। पाली नगर पंचायत क्षेत्र में भीषण तापमान के कारण बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत हो रही है। पेड़ों से गिरते चमगादड़ों का दृश्य लोगों को चिंतित कर रहा है।
पाली क्षेत्र में शुक्रवार को तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। तेज गर्मी और उमस के कारण दोपहर के समय सड़कें सूनी नजर आने लगीं। इस बीच नौकोनिया तालाब के आसपास बसे हजारों चमगादड़ों पर मौसम की मार पड़ी है।
हर साल फरवरी-मार्च में बड़ी संख्या में प्रवासी चमगादड़ तालाब किनारे पेड़ों पर डेरा डालते हैं। इस बार उनकी संख्या पहले की तुलना में अधिक बताई जा रही है। पेड़ों पर गुच्छों में लटके चमगादड़ पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने हुए थे, लेकिन अब यही चमगादड़ गर्मी नहीं झेल पा रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक तेज तापमान के चलते चमगादड़ पेड़ों से टूटकर नीचे गिर रहे हैं। कई स्थानों पर बड़ी संख्या में मृत चमगादड़ पड़े दिखाई दिए। ऐसा दृश्य केवल पाली ही नहीं बल्कि आसपास के गांवों में बड़े तालाबों के किनारे भी देखने को मिल रहा है।
वन विभाग को मामले की जानकारी दे दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी और जलस्रोतों के सूखने का असर वन्यजीवों और पक्षियों पर पड़ रहा है। हालांकि यहां तालाब में पानी है, पर तेज धूप में झुलसकर चमगादड़ अपनी जान नहीं बचा पा रहे हैं।


