ताजा खबर

रिटायर संयुक्त आयुक्त को हाईकोर्ट से राहत, विभागीय चार्जशीट पर अंतरिम रोक
23-May-2026 12:00 PM
रिटायर संयुक्त आयुक्त को हाईकोर्ट से राहत, विभागीय चार्जशीट पर अंतरिम रोक

20 साल पुराने मामले में दी गई थी नोटिस

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

बिलासपुर, 23 मई। छ्त्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सेवानिवृत्त संयुक्त आयुक्त भागीरथी जोशी के खिलाफ जारी विभागीय आरोप पत्र की प्रभावशीलता और आगे की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति बिभुदत्त गुरु ने पारित किया है।

याचिकाकर्ता बी.आर. जोशी वर्ष 1993 में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग में नियुक्त हुए थे और 31 जनवरी 2026 को संयुक्त आयुक्त पद से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के करीब तीन महीने बाद, 9 अप्रैल 2026 को विभाग ने उनके खिलाफ विभागीय चार्जशीट जारी कर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।

आरोप पत्र में लगाए गए आरोप वर्ष 2004-05 और 2007-08 से जुड़े बताए गए हैं। याचिका में कहा गया कि इन मामलों की जांच पहले ही कलेक्टर और लोकायुक्त स्तर पर हो चुकी थी तथा प्रकरण बंद भी किए जा चुके थे।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता जितेंद्र पाली ने दलील दी कि छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (पेंशन) नियम, 1976 के नियम 9(2)(बी)(2) के अनुसार सेवानिवृत्त कर्मचारी के खिलाफ चार वर्ष से अधिक पुराने मामलों में विभागीय जांच शुरू नहीं की जा सकती। साथ ही नियम 9(2)(बी)(1) के तहत जांच के लिए राज्यपाल अथवा सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति आवश्यक है, जो इस मामले में नहीं ली गई।

मामले को प्रथम दृष्टया गंभीर मानते हुए हाईकोर्ट ने 9 अप्रैल 2026 को जारी आरोप पत्र के प्रभाव और कार्रवाई पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई पांच सप्ताह बाद निर्धारित की है।


अन्य पोस्ट