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यूनिफॉर्म और किताबों के नाम पर दबाव, जेवियर्स स्कूल के सामने की दुकान सील
23-May-2026 1:42 PM
यूनिफॉर्म और किताबों के नाम पर दबाव, जेवियर्स स्कूल के सामने की दुकान सील

छत्तीसगढ़' संवाददाता
बिलासपुर, 23 मई।
 निजी स्कूलों द्वारा यूनिफॉर्म और किताबें तय दुकानों से खरीदने के लिए अभिभावकों पर बनाए जा रहे दबाव के खिलाफ शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। व्यापार विहार स्थित सेंट जेवियर्स के खिलाफ मिली शिकायत के बाद शुक्रवार को जिला शिक्षा अधिकारी की टीम ने जांच की और स्कूल के सामने संचालित यूनिफॉर्म दुकान को सील कर दिया।

जांच के दौरान दुकान में स्कूल टैग लगी यूनिफॉर्म और किताबें मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि जिले के कई निजी स्कूलों में अभिभावकों से मनमानी फीस लेने के साथ-साथ उन्हें विशेष दुकानों से ही किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है।

इस मामले में स्कूल के अभिभावकों ने शिकायत की थी कि प्रबंधन एक तय दुकान से ही यूनिफॉर्म और किताबें खरीदने का दबाव बना रहा है। शिकायत कलेक्टर Sanjay Agarwal तक पहुंची, जिसके बाद तत्काल जांच के निर्देश दिए गए।

निर्देश मिलते ही जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार टांडे ने टीम गठित कर स्कूल परिसर और उसके सामने संचालित साई एंटरप्राइजेस दुकान में जांच की। जांच दल में प्राचार्य चंद्रभान सिंह ठाकुर और समग्र शिक्षा के एपीसी रोहित भांगे भी शामिल थे।

जांच के दौरान दुकान में स्कूल के टैग वाली यूनिफॉर्म और किताबें मिलीं। शिकायत सही पाए जाने पर टीम ने दुकान को सील कर दिया। इसके बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

जांच के दौरान दुकान संचालक ने दावा किया कि दुकान दिव्या मैडम को बेची जा चुकी है, जिनका संबंध स्कूल से बताया गया। दस्तावेजों की जांच में यह तथ्य सही पाए जाने के बाद अधिकारियों को संदेह हुआ कि अधिक लाभ कमाने के उद्देश्य से स्कूल प्रबंधन अप्रत्यक्ष रूप से दुकान संचालित करा रहा था।  

कार्रवाई के बाद स्कूल प्रबंधन की ओर से प्राचार्य जितेंद्र हुंडल ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि जिस दुकान पर कार्रवाई हुई, वह स्कूल परिसर के बाहर स्थित है और आसपास कई अन्य दुकानें भी संचालित हैं। स्कूल प्रबंधन का उनसे कोई संबंध नहीं है तथा वहां क्या बेचा जा रहा है, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।

डीईओ ने कहा कि कोई भी निजी स्कूल अभिभावकों को किसी विशेष दुकान से किताब, कॉपी या यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकता। नियमों के उल्लंघन पर स्कूल की मान्यता तक रद्द की जा सकती है। मामले की जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।


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