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टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने एक्स पर जानकारी दी कि 'पशु वध अधिनियम, 1951' की धारा 12 के तहत छूट दिए जाने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की गई है.
दरअसल, 13 मई को पश्चिम बंगाल सरकार ने 'पश्चिम बंगाल पशु वध नियंत्रण अधिनियम, 1950' के तहत जनता के लिए एक संशोधित नोटिस जारी किया था.
इस नोटिस में कहा गया है कि किसी भी गाय या भैंस का वध तब तक नहीं किया जा सकता, जब तक कि उसके पास आधिकारिक प्रमाण पत्र न हो, यह प्रमाण पत्र यह प्रमाणित करता है कि वह पशु वध के लिए लायक है. इस नोटिस में यह भी कहा गया है कि सार्वजनिक स्थानों पर खुले में पशु वध की अनुमति नहीं होगी.
उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, “ईद-उल-अज़हा के अवसर पर 'पशु वध अधिनियम, 1951' की धारा 12 के तहत छूट दिए जाने के लिए, विधायक जनाब अखरुरज़मान के माध्यम से एक याचिका दायर की गई है. “
उन्होंने आगे लिखा, “मुसलमानों के अलावा, डेयरी, पशुपालन और व्यापार से जुड़े बड़ी संख्या में हिंदुओं पर भी, अंतिम समय में जारी किए गए आदेशों की वजह से आर्थिक बर्बादी का खतरा मंडरा रहा है." (bbc.com/hindi)


