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दो साल से दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव से जूझ रही महिला को डॉक्टरों ने दी नई जिंदगी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 20 मई। सिम्स मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग ने एक अत्यंत जटिल और दुर्लभ सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम देकर 45 वर्षीय महिला को नई जिंदगी दी है। डॉक्टरों ने गर्भाशय के मुहाने पर विकसित करीब 15×14 सेंटीमीटर आकार के संक्रमित ट्यूमर को निकालने में सफलता हासिल की, जिसका आकार 27 सप्ताह के भ्रूण के बराबर बताया गया।
जानकारी के अनुसार, जीपीएम जिला अस्पताल से गंभीर हालत में दुजी बाई को सिम्स रेफर किया गया था। वह पिछले दो वर्षों से पेट दर्द, अत्यधिक रक्तस्राव, कमजोरी और शारीरिक तकलीफ से परेशान थीं। जांच में पता चला कि गर्भाशय के मुहाने पर विशाल सर्वाइकल फाइब्रॉइड पॉलिप विकसित हो चुका है, जो संक्रमण के कारण जानलेवा स्थिति में पहुंच गया था।
डॉक्टरों के मुताबिक ट्यूमर दो हिस्सों में विभाजित था और लगातार पेट के निचले हिस्से, मूत्रमार्ग तथा किडनी पर दबाव बना रहा था। मरीज की हालत देखते हुए स्त्री एवं प्रसूति रोग विभागाध्यक्ष डॉ. संगीता रमण जोगी के नेतृत्व में विशेषज्ञ टीम गठित की गई।
कई घंटों तक चली इस हाई-रिस्क सर्जरी में डॉ. दीपिका सिंह, डॉ. रचना जैन, डॉ. सोमा वेंकट और डॉ. आकृति यादव ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऑपरेशन के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव और संक्रमण का लगातार खतरा बना रहा, वहीं मूत्रमार्ग और आसपास के अंगों को सुरक्षित रखना भी चुनौती था। इसके बावजूद टीम ने सफलतापूर्वक ट्यूमर निकालकर मरीज की जान बचा ली।
एनेस्थीसिया विभाग की प्रमुख डॉ. मधुमिता मूर्ति, डॉ. श्वेता और डॉ. मिल्टन ने पूरी प्रक्रिया के दौरान मरीज की स्थिति को स्थिर बनाए रखा। फिलहाल मरीज की हालत में लगातार सुधार हो रहा है।
सिम्स प्रबंधन ने इसे संस्थान की बड़ी चिकित्सा उपलब्धि बताया है।


