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वरिष्ठता विवाद पर सुनवाई, जून के तीसरे सप्ताह में फिर होगी सुनवाई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 20 मई। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने पुलिस आरक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर अंतरिम राहत दी है। फिलहाल अंतिम पदोन्नति आदेश जारी करने पर रोक लगा दी गई है। हालांकि कोर्ट ने पदोन्नति की प्रक्रिया जारी रखने की अनुमति दी है।
मामला उन आरक्षकों का है, जो दूसरे जिलों से तबादले के बाद कोरबा पहुंचे थे। आरोप है कि इस प्रक्रिया में लंबे समय से कोरबा में पदस्थ कई आरक्षकों की वरिष्ठता प्रभावित हुई और कुछ को पदोन्नति सूची से बाहर कर दिया गया।
इन आरक्षकों ने अधिवक्ता धीरज वानखेड़े के माध्यम से हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कार्रवाई को चुनौती दी। याचिकाकर्ताओं की ओर से कहा गया कि पदोन्नति प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अंतिम मेरिट सूची 1 जून 2026 को प्रकाशित होनी है। यदि अंतरिम राहत नहीं दी गई तो पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी और याचिका निरर्थक हो जाएगी।
राज्य शासन की ओर से इसका विरोध करते हुए कहा गया कि पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी स्पष्टीकरण पत्र को याचिका में चुनौती नहीं दी गई है। साथ ही यह भी बताया गया कि कई याचिकाकर्ता उपयुक्तता सूची में शामिल हो सकते हैं।
मामले की सुनवाई अवकाशकालीन पीठ के न्यायमूर्ति पार्थ प्रतिम साहू ने की। कोर्ट ने छत्तीसगढ़ पुलिस कार्यपालिक बल आरक्षक भर्ती, पदोन्नति एवं सेवा शर्त नियम 2007 में किए गए संशोधनों के तहत वरिष्ठता संबंधी प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए अंतरिम आदेश पारित किया।
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक पदोन्नति के अंतिम आदेश जारी नहीं किए जाएंगे। मामले की अगली सुनवाई 15 जून 2026 से शुरू होने वाले सप्ताह में होगी।


