ताजा खबर
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भगीरथ को तेलंगाना पुलिस ने पॉक्सो केस में शनिवार रात को गिरफ़्तार कर लिया. हालांकि, मंत्री का दावा है कि उन्होंने अपने बेटे को खुद ही पुलिस को सौंपा है.
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने कहा कि उन्होंने अपने बेटे को पुलिस के सामने पेश होने और जांच में शामिल होने के लिए कहा था.
दूसरी ओर, समाचार एजेंसी पीटीआई को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकार ने बताया कि अभियुक्त की गिरफ़्तारी हुई है.
केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर लिखा, "क़ानून और न्यायपालिका का पूरा सम्मान करते हुए, आज मेरा बेटा बंदी भगीरथ तेलंगाना पुलिस के सामने जांच के लिए गया. मैं पहले भी कह चुका हूं कि चाहे मेरा बेटा हो या कोई आम नागरिक, सब क़ानून के सामने बराबर हैं."
एक और एक्स पोस्ट में उन्होंने लिखा, "भगीरथ को गिरफ़्तार नहीं किया गया था… वह खुद पुलिस पूछताछ के लिए पहुंचा था."
इस मामले में अभियुक्त के ख़िलाफ़ पहले ही पुलिस ने लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया था, ताकि वह देश छोड़कर न जा सके.
यह मामला एक नाबालिग लड़की की मां की शिकायत पर दर्ज हुआ है. आरोप है कि भगीरथ ने नाबालिग लड़की का यौन शोषण किया.
पुलिस ने आठ मई को पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज किया था.
इस मामले में तेलंगाना हाईकोर्ट ने शुक्रवार को भगीरथ को गिरफ़्तारी से राहत देने से इनकार कर दिया था.
हालांकि, केस दर्ज होने से कुछ घंटे पहले ही बंदी भगीरथ ने एक केस दर्ज कराया था. इसमें उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित लड़की और उसके माता-पिता उसे हनी-ट्रैप कर रहे हैं और परेशान कर रहे हैं. (bbc.com/hindi)


