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एयर ट्रैवल करने वालों का डाटा खरीदकर फंसाते थे लोग
मैग्नेटो मॉल प्रबंधन से पुलिस ने मांगे दस्तावेज
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 7 मई। शहर में आलीशान ऑफिस, चमकदार प्रेजेंटेशन और विदेशी टूर पैकेज के सपनों के जरिए लोगों को ठगने वाले एक बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। क्लबरियंट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी पर आरोप है कि उसने हॉलिडे पैकेज, मुफ्त गिफ्ट और लक्जरी ट्रिप का झांसा देकर शहर के कई लोगों से लाखों रुपये ऐंठ लिए। मामले में पुलिस ने कंपनी से जुड़े 16 से अधिक लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह खास तौर पर उन लोगों को निशाना बनाता था, जो अक्सर हवाई यात्रा करते थे। इसके लिए एयर टिकट बुकिंग एजेंसियों और ट्रैवल से जुड़े स्रोतों से यात्रियों का निजी डाटा हासिल किया जाता था। सोशल मीडिया पर फ्लाइट या यात्रा की तस्वीरें साझा करने वाले लोगों पर भी गिरोह की नजर रहती थी। इसके बाद कंपनी की महिला कर्मचारी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से कॉल कर लोगों को विशेष ग्राहक बताकर मुफ्त डिनर, गिफ्ट व देशभर में घूमने के आकर्षक ऑफर देती थीं।
पीड़ितों को फोन पर बताया जाता था कि उनकी प्रोफाइल कंपनी के प्रीमियम ग्राहकों में चयनित हुई है। उन्हें पत्नी या परिवार के साथ मैग्नेटो मॉल स्थित ऑफिस बुलाया जाता था। वहां पहुंचने पर आलीशान माहौल, प्रशिक्षित स्टाफ और आकर्षक प्रेजेंटेशन के जरिए लोगों का भरोसा जीता जाता था।
पीड़ितों को कहा जाता था कि एकमुश्त रकम जमा करने पर उन्हें कई वर्षों तक देशभर के होटल, रिसॉर्ट और टूर पैकेज बेहद सस्ते या मुफ्त मिलेंगे। साथ ही यह भी दावा किया जाता था कि कंपनी के देशभर में लक्जरी नेटवर्क मौजूद हैं।
उसलापुर निवासी और एचडीएफसी बैंक कर्मचारी अजीश राजपूत ने पुलिस को बताया कि फरवरी महीने में उन्हें लगातार अलग-अलग नंबरों से कॉल आए। कॉल करने वाली युवतियों ने उन्हें आकर्षक टूर पैकेज और उपहार का लालच दिया। जब वे कंपनी के ऑफिस पहुंचे तो वहां के माहौल और दावों से प्रभावित हो गए। उनसे कहा गया कि कंपनी उन्हें और उनकी पत्नी को 30 दिनों तक देश में कहीं भी घूमने की सुविधा देगी।
झांसे में आकर अजीश ने अपने क्रेडिट कार्ड से 90 हजार रुपये का भुगतान कर दिया। बाद में जब वादे पूरे नहीं हुए और संपर्क टूटने लगा, तब उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
पुलिस का कहना है कि जैसे-जैसे मामले की जानकारी सार्वजनिक हो रही है, वैसे-वैसे नए पीड़ित सामने आ रहे हैं। कई लोगों ने लाखों रुपये जमा करने की शिकायत की है। आशंका जताई जा रही है कि ठगी का आंकड़ा काफी बड़ा हो सकता है।
एएसपी पंकज कुमार ने बताया कि पुलिस ने मैग्नेटो मॉल प्रबंधन को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज मांगे हैं। जांच की जा रही है कि कंपनी को ऑफिस किराए पर देने से पहले पहचान, रजिस्ट्रेशन और अन्य कानूनी दस्तावेजों की ठीक से जांच की गई थी या नहीं।
पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कंपनी का लाइसेंस, व्यावसायिक गतिविधियां और वित्तीय लेनदेन कितने वैध थे। मॉल प्रबंधन से किरायानामा और संबंधित रिकॉर्ड भी मांगे गए हैं।
सिविल लाइन थाना प्रभारी आर.एस. साहू के अनुसार कंपनी के संचालक और कर्मचारी फिलहाल फरार हैं। पुलिस जल्द ही मैग्नेटो मॉल स्थित बंद ऑफिस की तलाशी लेगी। वहां से दस्तावेज, कंप्यूटर, ग्राहक डाटा और वित्तीय रिकॉर्ड जब्त किए जा सकते हैं।
जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह गिरोह केवल बिलासपुर ही नहीं, बल्कि अन्य शहरों में भी इसी तरह लोगों को शिकार बना चुका है। पुलिस अब बैंक ट्रांजैक्शन, मोबाइल कॉल डिटेल और डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।


