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ज्ञानभारतम अभियान में तुमान गांव का महत्व समझाया शतक पार बुजुर्गों ने
03-May-2026 2:36 PM
ज्ञानभारतम अभियान में तुमान गांव का महत्व समझाया शतक पार बुजुर्गों ने

प्राचीन पांडुलिपियों को डिजिटल रूप देने की तैयारी

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

कोरबा, 3 मई। कोरबा जिले में चल रहे ज्ञानभारतम राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान के तहत प्राचीन धरोहरों को खोजने और सुरक्षित करने की दिशा में तेजी आई है। इसी क्रम में जिला समन्वयक सतीश प्रकाश सिंह ने पोड़ी-उपरोड़ा विकासखंड के तुमान गांव का दौरा किया और ग्रामीणों को इस अभियान के महत्व से अवगत कराया।

तुमान में आयोजित बैठक के दौरान ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और पूर्व राजपरिवार के सदस्यों से चर्चा की गई। लोगों से अपील की गई कि उनके पास मौजूद प्राचीन पांडुलिपियों और दस्तावेजों की तस्वीरें ज्ञानभारतम मोबाइल ऐप के जरिए अपलोड करें, ताकि इन्हें डिजिटल रूप में सुरक्षित रखा जा सके।

सर्वे के दौरान 105 वर्षीय बिधून दास महंत और 103 वर्षीय जजमान सिंह कंवर ने गांव के ऐतिहासिक महत्व और अपने अनुभवों को साझा किया। उनकी बातों ने तुमान की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को जीवंत कर दिया।
तुमान की सरपंच विमी सिंह (शालिनी) ने बताया कि उनके परिवार के पास पूर्व राजपरिवार से जुड़े कई पुराने दस्तावेज और पांडुलिपियां सुरक्षित हैं। सरपंच ने भरोसा दिलाया कि इन सभी अभिलेखों को खोजकर सर्वे टीम को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि उनका डिजिटलीकरण किया जा सके।

ग्रामीणों और शिक्षकों को “ज्ञानभारतं” अभियान की विस्तृत जानकारी देते हुए ऐप डाउनलोड और उपयोग की प्रक्रिया भी समझाई गई। उन्हें बताया गया कि यह पहल न केवल पांडुलिपियों को नष्ट होने से बचाएगी, बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा और सांस्कृतिक धरोहर को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने में मदद करेगी।

 


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