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आरटीई भुगतान को लेकर निजी स्कूलों ने लगाई याचिका, शिक्षा सचिव को अवमानना नोटिस
03-May-2026 3:25 PM
आरटीई भुगतान को लेकर निजी स्कूलों ने लगाई याचिका, शिक्षा सचिव को अवमानना नोटिस

'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 3 मई। राइट टू एजुकेशन के तहत गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए मिलने वाली प्रतिपूर्ति राशि में बढ़ोतरी को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की है। कोर्ट ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सिद्धार्थ कोमल परदेशी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

यह मामला उस आदेश के अनुपालन से जुड़ा है, जिसमें 19 सितंबर 2025 को हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आरटीई के तहत दी जाने वाली राशि पर उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया था। आरोप है कि तय समयसीमा के बावजूद इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिसके बाद स्कूल प्रबंधन को फिर अदालत का रुख करना पड़ा।

एकल पीठ में सुनवाई करते हुए जस्टिस पी.पी. साहू ने सचिव को तीन सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पिछले 14 वर्षों से RTE के तहत दी जाने वाली राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है, जिससे निजी स्कूलों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव गुप्ता के अनुसार, वर्ष 2011 में कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए 7,000 रुपये और कक्षा 6 से 8 तक के लिए लगभग 7,500 रुपये की राशि तय की गई थी। तब से अब तक इसमें कोई संशोधन नहीं हुआ। जबकि अन्य राज्यों में यह राशि कहीं अधिक है।
जुलाई 2025 में दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने सरकार को छह माह के भीतर स्कूलों के आवेदन पर विचार कर राशि बढ़ाने का निर्देश दिया था। इसके बावजूद कोई निर्णय नहीं होने पर अब अवमानना याचिका दायर की गई है।
इधर, आदेश के पालन की मांग को लेकर निजी स्कूल प्रबंधन 1 मार्च 2026 से असहयोग आंदोलन चला रहे हैं। इस दौरान वे सरकारी पत्राचार का जवाब नहीं दे रहे हैं और आरटीई के तहत नए प्रवेश भी रोक दिए गए हैं। साथ ही याचिका में पिछले तीन वर्षों से लंबित बढ़ी हुई राशि का भुगतान भी करने की मांग की गई है।


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