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रायपुर समेत 3 जिलों में 13 ठिकानों पर छापेमारी, दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य भी मिले
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 3 मई। शराब घोटाला केस में ईडी ने कारोबारियों, और सीए के यहां छापेमारी कर अब तक सवा पांच करोड़ से अधिक राशि जब्त किए हैं। जांच एजेंसी ने दावा किया है कि घोटाले से जुड़े दस्तावेज, और डिजिटल साक्ष्य भी बरामद किए हैं।
ईडी ने 2002 के तहत छत्तीसगढ़ शराब घोटाले की जांच में बड़ी कार्रवाई करते हुए 30 अप्रैल को एक साथ तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई रायपुर, दुर्ग-भिलाई और बिलासपुर जिलों में की गई, जहां कुल 13 परिसरों की तलाशी ली गई।
जांच एजेंसी के एक प्रेस नोट में बताया कि शराब कारोबारियों, चार्टर्ड अकाउंटेंट, व्यवसायियों और कॉर्पोरेट संस्थाओं से जुड़े हैं, जिन पर घोटाले से उत्पन्न अवैध धन (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) को छिपाने, लेयरिंग करने और उपयोग करने का संदेह है।
तलाशी के दौरान ईडी ने 53 लाख रुपये नकद और लगभग 3.234 किलोग्राम सोने के आभूषण व बुलियन जब्त किए, जिनकी अनुमानित कीमत 4.86 करोड़ रुपये बताई गई है। इस तरह कुल जब्ती करीब 5.39 करोड़ रुपये की हुई है। इसके अलावा कई आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए गए हैं, जिनका विश्लेषण जारी है।
यह कार्रवाई ईओडब्ल्यू और एसीबी, रायपुर की के आधार पर की जा रही जांच का हिस्सा है। जांच में वर्ष 2019 से 2022 के बीच शराब कारोबार से जुड़े एक बड़े संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसमें राजनीतिक पदाधिकारी, वरिष्ठ नौकरशाह, डिस्टिलर्स और लाइसेंसधारी शामिल बताए गए हैं।
ईओडब्ल्यू-एसीबी की चार्जशीट में इस घोटाले से लगभग 2,883 करोड़ रुपये की अवैध कमाई का अनुमान लगाया गया है। ईडी अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें पूर्व आईएएस अधिकारी, आबकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, मंत्री और अन्य जुड़े हुए लोग शामिल हैं।
इसके अलावा ईडी ने अब तक 380 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्तियों को कुर्क किया है, जिसमें रियल एस्टेट, बैंक बैलेंस, वाहन, आभूषण और शेयर शामिल हैं। इस मामले में 81 आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में अभियोजन शिकायतें भी दर्ज की जा चुकी हैं। ताजा छापेमारी में मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे और कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच अभी जारी है।


