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नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री ने बताया: क्यों ट्रंप हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोलने देंगे
30-Apr-2026 7:43 PM
नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री ने बताया: क्यों ट्रंप हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा नहीं खोलने देंगे

डेविड बादाश | Alternet.org | 30 अप्रैल। नोबेल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री पॉल क्रुगमैन ने ट्रंप की नीति को लेकर एक नया शब्द गढ़ा है, “NACHO” यानी “Not a Chance Hormuz Opens” (हॉर्मुज खुलने का कोई चांस नहीं)।

क्रुगमैन का कहना है कि वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हॉर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी बंद है और भविष्य में भी जल्द खुलने की कोई संभावना नहीं दिख रही है। इसके तीन बड़े कारण हैं।

पहला कारण : क्रुगमैन चेतावनी देते हैं कि “हॉर्मुज तब तक नहीं खुलेगा, जब तक इसकी बंदी से होने वाला आर्थिक नुकसान और भी ज्यादा गंभीर न हो जाए।” दोनों पक्षों, ईरान और अमेरिका (यानी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप), को पीछे हटना होगा। ईरान को अपना प्रतिबंध हटाना होगा और अमेरिका को अपना ब्लॉकेड खत्म करना होगा।

दूसरा और सबसे बड़ा कारण: ट्रंप का अहंकार  और अज्ञानता। 

क्रुगमैन लिखते हैं, “ट्रंप का अहंकार इतना नाजुक है कि वे कभी हार मानने को तैयार नहीं हैं। वे इस हकीकत को स्वीकार नहीं कर सकते कि उन्होंने लगभग अकेले अमेरिका को उसकी इतिहास की सबसे बड़ी सामरिक हार दिलाई है। इसलिए वे ईरान से कुछ छूट निकालकर खुद को विजेता बताना चाहते हैं।”

तीसरा कारण:
ईरान ट्रंप पर भरोसा नहीं करता। ईरानी जानते हैं कि ट्रंप जो कहते हैं, उसे पूरा नहीं करते। वे यह भी जानते हैं कि हॉर्मुज की बंदी अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्था को उनके मुकाबले ज्यादा नुकसान पहुंचा रही है।

क्रुगमैन का निष्कर्ष है:
“ट्रंप खुद को यह भ्रम दिलाए हुए हैं कि वे ईरान से छूट हासिल कर लेंगे, क्योंकि उनके आस-पास के लोग भी इसी भ्रम को बढ़ावा दे रहे हैं। वे आधुनिक इतिहास के सबसे कम सूचित राष्ट्रपति हैं, खासकर जब अमेरिका युद्ध की स्थिति में है।”

अंत कैसे होगा?
क्रुगमैन कहते हैं कि अंत में वही “नॉन-डील” होगा जो पहले से टेबल पर था। ईरान थोड़ा गरीब तो हो जाएगा, लेकिन सामरिक रूप से मजबूत होकर उभरेगा। वहीं अमेरिका ट्रंप के अहंकार को खुश करने के लिए एक पूरी तरह अनावश्यक साहसिक अभियान के कारण अपनी इतिहास की सबसे बड़ी सामरिक हार झेलेगा। (Alternet.org)


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