ताजा खबर
यूनिवर्सिटी प्रशासन और छात्रा को फंसाने की धमकी देकर की थी उगाही
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
बिलासपुर, 29 अप्रैल। कोटा स्थित डॉ. सी.वी. रामन विश्वविद्यालय के लापता छात्र मामले में चौंकाने वाला मोड़ आया है। जिस छात्र के गायब होने पर परिजनों ने अपहरण और रैगिंग के आरोप लगाए थे, वह खुद नागपुर में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करते हुए मिला था। अब पुलिस ने छात्र के पिता और चाचा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(1) और 308(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। कोटा थाना प्रभारी नरेश चौहान ने बताया कि विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग के प्राचार्य डॉ. साकेत सिंह चंदेल की शिकायत पर कार्रवाई की गई।
शिकायत के मुताबिक, छात्र रोहित कुमार 6 मार्च को बिना सूचना हॉस्टल से लापता हो गया था। अगले ही दिन उसके पिता अमरेंद्र कुमार, चाचा निखिल कुमार और अन्य परिजन विश्वविद्यालय पहुंचे और जमकर हंगामा किया। उन्होंने प्रशासन पर छात्र को गायब करने, अपहरण और रैगिंग जैसे आरोप लगाए। आरोप है कि इन आरोपों के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल किए गए और अन्य छात्रों को भड़काने की कोशिश की गई।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि परिजनों ने अधिकारियों, कर्मचारियों और छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किया। साथ ही, झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर पैसों की मांग की। दबाव में आकर विश्वविद्यालय प्रशासन को 19 मार्च को 5 हजार रुपए नकद और 8 अप्रैल को 14 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करने पड़े।
इस बीच एक छात्रा ने कोनी थाना में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि पिता और चाचा ने उसका वीडियो बनाकर अश्लील सवाल पूछे और लगातार पैसे की मांग की। छात्रा के अनुसार, उसे रोजाना 2 हजार रुपए भेजने के लिए धमकाया गया। डर के कारण उसने करीब 15 हजार रुपए ट्रांसफर भी किए। पुलिस को मोबाइल रिकॉर्डिंग और ट्रांजेक्शन के सबूत भी मिले हैं।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि परिजनों ने कई छात्राओं के नाम सार्वजनिक कर सोशल मीडिया पर उनकी छवि खराब की, जिससे उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत के आधार पर दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


