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भूपेंद्र, रौशन चंद्राकर, गोपाल गांधी के यहां छापे और बड़ी मात्रा में कैश वाउचर जब्त
रायपुर, 27 अप्रैल। भारतमाला घोटाले को लेकर आज सुबह ईडी की टीम ने धमतरी के कुरुद में भूपेंद्र चंद्राकर, उनके सहयोगियों के साथ राइस मिल कारोबारी रौशन चंद्राकर और के यहां दबिश दी है। भूपेंद्र पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर के चचेरे भाई हैं। रौशन के यहां दूसरी बार ईडी की रेड हुई है। इससे पहले कांग्रेस काल में राइस मिलर्स को 127 करोड़ के कस्टम मिलिंग प्रोत्साहन घोटाले में भी जेल जा चुका था।
आज की छानबीन में इन सभी के ठिकानों से 90 लाख की चांदी,4 किलो सोना, आधा बोरी रकम, और बड़ी मात्रा में कैश वाउचर जब्त किए गए हैं। इनमें से एक को ईडी के गिरफ्तारी की खबर है लेकिन पुष्टि नहीं हो पाई है।
इससे पहले तीन गाड़ियों में दर्जनभर से ज्यादा अधिकारी चंद्राकार के घर पहुंचकर जांच कर रहे हैं। घर के बाहर सुरक्षा लगाई गई है। किसी भी बाहर या घर के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है
ईडी और ईओडब्ल्यू को मिली शिकायत के अनुसार भूपेंद्र चंद्राकर पर सिर्फ अभनपुर ही नहीं बल्कि अपने करीबियों को अलग-अलग तहसीलों में भारतमाला घोटाले में करोड़ों रुपए मुआवजा पहुंचाने का आरोप है। इन आरोपों की शिकायत दस्तावेजों के साथ दी गई है। इनमें गोपाल गांधी प्रमुख है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार चंद्राकर ने अभनपुर के कायाबांधा में करोडों रुपए मुआवाजा पाया है।
इसके अलावा दुर्ग तहसील, पाटन तहसील, राजनांदगांव के देवादा तहसील और मगरलोड तहसील में मुआवजा घोटाला में इनके करीबियों को करोड़ों रुपए मिले हैं।
बताया गया कि गोपाल गांधी के घर छापे के दौरान ईडी की टीम को अंदर जाने नहीं दिया। अधिकारियों के जांच नोटिस दिखाने पर कार्रवाई शुरू हो सकी।
गोपाल गांधी ने अपने ही परिवार के सदस्यों के नाम 13 करोड़ का मुआवजा लिए जाने की जानकारी मिली है।
इन छापों पर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा कि भारत माला बड़ा घोटाला है।इसमें भाजपा के नेता शामिल हैं ।
कई लोगों को बचाने की कोशिश हो रही है।


