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कांकेर - नारायणपुर जिले से लगे बिनागुड़ा का हाल
'छत्तीसगढ़' संवाददाता
जगदलपुर, 25 अप्रैल। कांकेर व नारायणपुर जिले की सरहद में बसे बीनागुड़ा गाँव में एक लकवाग्रस्त मरीज को एम्बुलेंस नहीं मिलने पर गांव के 20 ग्रामीणों ने भरी गर्मी में 19 किमी का सफर तय करते हुए मरीज को छोटेबेठिया बीएसएफ कैम्प तक ले गए। जहां से एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल तक पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार कांकेर जिले के पखांजूर के अंदरूनी गांव से एक बड़ा मामला सामने आया है। जहां एक युवक को लकवा आने के बाद परिजनों ने अस्पताल ले जाने के लिए 108 एंबुलेंस को फोन किया गया, लेकिन एम्बुलेंस की सेवा नहीं मिलने पर मरीज की जान बचाने के लिए 20 ग्रामीणों ने उसे खटिया पर लादकर 19 किलोमीटर पैदल सफर तय किया।
नारायणपुर और कांकेर जिले की सीमा से लगे बीनागुंडा गांव में आज भी स्वास्थ्य सुविधाएं और सड़क दोनों नदारद हैं। तीन दिन तक एंबुलेंस नहीं मिली और आखिरकार 20 ग्रामीणों ने 19 किलोमीटर तक मरीज को कंधे पर उठाकर अस्पताल ले जाया गया।
बीमार युवक बिनागुड़ा गांव का रहने वाला मर्रो पददा है। परिजनों ने बताया कि तीन दिन पहले अचानक से युवक को लकवा मार दिया। परिवार सुबह 7 बजे से 108 एंबुलेंस को फोन करते रहे। लेकिन एम्बुलेंस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
गांव के 20 लोगों ने खटिया उठाई और 19 किलोमीटर लंबा सफर शुरू करते हुए पहाड़ पथरीले रास्ते के बीच उसे अस्पताल लेकर निकले। चिलचिलाती धूप के बीच कंधे में लादकर छोटेबेटिया पहुंचे परिजनों को छोटेबेठिया बीएसएफ कैंप से मदद मिली और फिर एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया।
सबसे बड़ी बात ये है कि इस इलाके में पिछले 108 एंबुलेंस सेवा अक्सर ठप रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी है, जिससे ऐसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं।
इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग की प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी है।


