ताजा खबर
हैदराबाद/नई दिल्ली, 25 अप्रैल। तेलंगाना पुलिस के खुफिया विभाग ने सोशल मीडिया हैंडल @TeluguScribe (@तेलुगुस्क्राइब) के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) का सहारा लेते हुए अमेरिका स्थित एक्स कॉर्प (पूर्व ट्विटर) को कानूनी नोटिस जारी किया है। पुलिस ने हैंडल से जुड़ी अकाउंट रजिस्ट्रेशन, इस्तेमाल के लॉग्स और अन्य गतिविधियों की पूरी जानकारी मांगी है।
पुलिस उपमहानिरीक्षक आर. भास्करन (सीआई सेल, इंटेलिजेंस विभाग) द्वारा 18 अप्रैल 2026 को जारी इस नोटिस में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 94 और UAPA की धारा 43F का हवाला दिया गया है। पुलिस का आरोप है कि यह हैंडल “अत्यधिक आपत्तिजनक और अश्लील भाषा” का इस्तेमाल करते हुए मॉर्फ्ड (छेड़छाड़ किए गए) वीडियो और तस्वीरों के जरिए लोगों की बदनामी करता है, सार्वजनिक हस्तियों की गरिमा को ठेस पहुंचाता है और नफरत फैलाकर सार्वजनिक अशांति भड़का सकता है। पुलिस ने इसे “अवैध गतिविधियों” से जोड़ते हुए एक्स से डेटा मांगा है ताकि हैंडल संचालकों की पहचान की जा सके और आगे कानूनी कार्रवाई की जा सके।
‘तेलुगुस्क्राइब’ का दावा और प्रतिक्रिया
@TeluguScribe मुख्य रूप से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की खबरों को कवर करता है। यह हैंडल अक्सर विपक्षी भारत राष्ट्र समिति (BRS) के पक्ष की खबरें प्रमुखता से चलाता है, हरीश राव जैसे नेताओं के विरोध प्रदर्शनों को जगह देता है और राज्य सरकार की नागरिक सेवाओं में कमियों को उजागर करता है। हैंडल ने 23 अप्रैल को अपने X पोस्ट में पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की। इसमें कहा गया, “हम आतंकवादी नहीं हैं... रेवंत रेड्डी गारू! तेलंगाना पुलिस द्वारा हमारे हैंडल की जानकारी UAPA के तहत मांगना हमें स्तब्ध कर गया है।” हैंडल ने इसे “सत्ता का खुला दुरुपयोग” बताया और कहा कि UAPA मूल रूप से आतंकवाद और देश की संप्रभुता के खिलाफ गतिविधियों के लिए है, न कि आलोचना करने वाले मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए।
आलोचना और फ्री स्पीच का मुद्दा
इंटरनेट फ्रीडम फाउंडेशन (IFF) ने इस कार्रवाई को “पहली नजर में अवैध और आतंकवाद-रोधी कानून का दुरुपयोग” करार दिया। IFF ने कहा कि UAPA का मकसद राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े खतरों से निपटना है, न कि राजनीतिक टिप्पणियोंया पत्रकारिता को नियंत्रित करना। अमनेस्टी इंडिया ने भी चिंता जताते हुए कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता में आलोचना का अधिकार शामिल है।
कई पत्रकारों और नागरिक अधिकार संगठनों ने भी इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया। तेलंगाना टुडे और न्यूजलॉन्ड्री जैसी रिपोर्ट्स में इसे फ्री स्पीच विवाद के रूप में उल्लेख किया गया है।
पृष्ठभूमि
रिपोर्ट्स के अनुसार, पिछले ढाई साल में इस हैंडल के खिलाफ करीब 70 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें कुछ मामलों में BNS और IT एक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं। हैंडल का कहना है कि कांग्रेस सरकार की आलोचना के कारण उसे निशाना बनाया जा रहा है। वहीं, पुलिस का पक्ष है कि आपत्तिजनक सामग्री सार्वजनिक शांति भंग कर सकती है।
यह घटना तेलंगाना में राजनीतिक ध्रुवीकरण के बीच आई है, जहां कांग्रेस सरकार और BRS के बीच टकराव जारी है। अभी तक राज्य सरकार या पुलिस की ओर से इस नोटिस पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
(यह रिपोर्ट द हिंदू, द न्यूज मिनट, तेलंगाना टुडे, न्यूजलॉन्ड्री, सियासत और न्यू इंडियन एक्सप्रेस जैसी विश्वसनीय स्रोतों से सत्यापित तथ्यों पर आधारित है।)


