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प्रशासन की सुस्ती पर फूटा गुस्सा, अवैध खनन के खिलाफ आर-पार की चेतावनी
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
जांजगीर-चांपा, 22 अप्रैल। सक्ती जिले के हसौद क्षेत्र के मरघटी गांव में महानदी के रेत घाट पर लंबे समय से चल रहे अवैध खनन के खिलाफ मंगलवार को हालात अचानक उग्र हो गए। लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई न होने से नाराज़ ग्रामीणों ने खुद मोर्चा संभाल लिया और मौके पर चल रहे खनन कार्य को बंद कराते हुए रेत माफिया के लोगों को घेर लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और देर शाम तक धरना जारी रखा।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि रेत माफिया तय खसरा नंबरों से बाहर करीब डेढ़ किलोमीटर तक अवैध उत्खनन कर रहे थे। नदी के भीतर प्रतिबंधित भारी मशीनों चेन माउंटेड एक्सकेवेटर का इस्तेमाल कर दिन-रात रेत निकाली जा रही थी, जिसे हाइवा ट्रकों से ढोया जा रहा था।
मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में ग्रामीण घाट पर पहुंचे और करीब 12 हाइवा ट्रकों व एक मशीन को घेर लिया। ग्रामीणों का आरोप था कि अधिकारियों की मिलीभगत से यह अवैध कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा है। मौके पर पहुंचे अधिकारियों को ग्रामीणों के तीखे विरोध का सामना करना पड़ा।
स्थिति बिगड़ते देख खनिज और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक चेन माउंटेन एक्सकेवेटर और 12 हाइवा ट्रकों को जब्त कर सील कर दिया। ग्रामीणों ने दोषियों पर भारी जुर्माना और कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि 40 से 50 टन रेत से लदे हाइवा ट्रकों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़कों को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया है, जबकि इन सड़कों की क्षमता महज 12 से 15 टन है। इससे गांवों में आवागमन बेहद कठिन हो गया है। निर्माण कार्य के नाम पर पुरानी पुलिया तोड़कर मिट्टी का अस्थायी रास्ता बना दिया गया है, जिसके बारिश में बहने का खतरा पैदा कर रहा है।
कार्रवाई के बावजूद गांव में तनाव बना हुआ है। ग्रामीणों ने कहा है कि यदि अवैध खनन पर स्थायी रोक नहीं लगी, तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। सड़क जाम के कारण भीषण गर्मी में यात्रियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मौके की नजाकत को देखते हुए कुछ भाजपा नेता भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने खनिज विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि सरकार की छवि खराब करने वाली लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।


