ताजा खबर

ओडिशा से आकर महासमुंद के 233 एकड़ वनभूमि पर कब्जा, 52 गिरफ्तार
22-Apr-2026 1:55 PM
ओडिशा से आकर महासमुंद के 233 एकड़ वनभूमि पर कब्जा, 52 गिरफ्तार

जेल जाने वालों में 12 महिलाएं, 40 पुरुष शामिल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 22 अप्रैल।
वन क्षेत्रों में अतिक्रमण के विरूद्ध संचालित अभियान के अंतर्गत 20 अप्रैल को वन मंडल महासमुंद के बागबाहरा परिक्षेत्र अंतर्गत आमाकोनी सर्किल, तमोरा बीट के कक्ष क्रमांक 95 एवं 96 आरक्षित वन में अवैध अतिक्रमण के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की गई है।

वन विभाग के मुतबिक सभी अतिक्रमणकारी ओडिशा के हैं। तमोरा में रहते हैं। इनका तमोरा के ग्रामीण विरोध करते हैं लेकिन ये मानते नहीं। वन कर्मियों के साथ भी गाली-गलौच करते रहे हैं। इन्हें लेकर भय का वातावरण गांव में है। जांच के दौरान पाया गया कि ग्राम तमोरा के कुछ व्यक्तियों द्वारा लगभग 94 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि पर अवैध अतिक्रमण करते हुए हर-भरे एवं मूल्यवान वृक्षों की अवैध कटाई की गई। इसी भूमि पर कृषि प्रयोजन हेतु अनधिकृत कब्जा स्थापित करने के उद्देश्य से व्यापक खुदाई और जुताई की गई थी। साथ ही वन भूमि की सीमा निर्धारण हेतु स्थापित सीमेंट कांक्रीट निर्मित मुनारों सीमा चिन्हों को तोडक़र क्षतिग्रस्त किया गया। इन अवैध गतिविधियों के परिणाम स्वरूप मूल्यवान वृक्ष प्रजातियों एवं औषधीय जड़ी-बूटियों को भारी क्षति पहुंची है। जो कि पूर्णत: विधि विरूद्ध एवं दंडनीय अपराध है।

प्रकरण में संबंधित अतिक्रमणकारियों के विरूद्ध भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 26-1 तथा लोक संपत्ति क्षति निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3-1 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विधिसम्मत कार्रवाई की गई। कुल 52 आरोपियों जिसमें 12 महिला एवं 40 पुरुष हैं, को गिरफ्तार कर जिला न्यायालय महासमुंद से जेल भेजा गया।

उक्त कार्रवाई हेतु उप वन मंडलाधिकारी महासमुंद गोविंद सिंह, परिक्षेत्र अधिकारी लोकनाथ ध्रुव, रेंजर नवीन वर्मा द्वारा पूर्व से ही रणनीति तैयार की गई थी। अभियान में परिक्षेत्र सहायक नवीन शर्मा, डिप्टी रेंजर मोतीलाल साहू, भुवनेश्वर तिवारी, दुलार सिन्हा, वनपाल योगेश कन्नौजे तथा वन रक्षक रणजीत ठाकुर, नीलकंठ दीवान, चुकेश सिंह ध्रुव, कमल यादव, वीरेंद्र कुमार ध्रुव  टोमन दीवान, पूरण ध्रुव, खेमराज साहू, चित्रसेन दीवान, नरेंद्र ध्रुव, कविता ठाकुर, कांति ध्रुव सहित वन विद्यालय महासमुंद के प्रशिक्षु वनरक्षकों की सहभागिता रही।

मुख्य वन संरक्षक मणिवासगन एवं वनमंडलाधिकारी मयंक पांडेय ने कहा है कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण अथवा अवैध गतिविध किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा दोषियों के विरूद्ध कठोरतम वैधानिक कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी। उक्त आरोपी आदतन अपराधी हैं, जिनके विरूद्ध पूर्व में भी कार्रवाई की जा चुकी है। किंतु उनके व्यवहार में सुधार नहीं हुआ। ये मूलत: ओडि़शा के निवासी हैं और कुछ वर्षों से ग्राम तमोरा में निवासरत हैं। स्थानीय ग्रामीणों द्वारा भी इनका विरोध किया जाता रहा है। किंतु इनके आक्रामक एवं आपराधिक व्यवहार के कारण क्षेत्र में भय का वातावरण बना हुआ था। आरोपियों द्वारा कई बार वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार, अश्लील गाली-गलौज एवं धमकी भी दी गई है।


अन्य पोस्ट