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सांसद पप्पू यादव का शर्मनाक बयान; राजनीति में 90 % महिलाओं का रास्ता नेताओं के रूम से
22-Apr-2026 10:22 AM
सांसद पप्पू यादव का शर्मनाक बयान; राजनीति में 90 % महिलाओं का रास्ता नेताओं के रूम से

पटना/पूर्णिया, 22 अप्रैल। बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राजनीति में सक्रिय महिलाओं को लेकर एक ऐसा बयान दिया है जिसने पूरे देश में विवाद खड़ा कर दिया है। सांसद ने सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया है कि राजनीति में आने वाली 90 प्रतिशत महिलाएं किसी न किसी किस्म के 'समझौते' या शोषण के बाद ही आगे बढ़ पाती हैं।

क्या है पूरा विवाद?
सांसद पप्पू यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देश की राजनीति में पुरुषों के वर्चस्व और महिलाओं के शोषण पर बात करते हुए मर्यादा की सभी सीमाएं लांघ दीं। उन्होंने कहा:

"भारत में महिलाओं को देवी कहा जाता है, लेकिन यहाँ उनका कभी सम्मान नहीं होगा। इसके लिए सिस्टम और समाज ज़िम्मेदार है। 90% महिलाएं किसी नेता के कमरे में गए बिना राजनीति नहीं कर सकतीं। राजनेता महिलाओं को गिद्ध की तरह देखते हैं।"

पप्पू यादव के बयान के मुख्य बिंदु:
वैश्विक स्तर पर हमला: उन्होंने दावा किया कि अमेरिका से लेकर भारत तक, महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा और शोषण करने में राजनेता सबसे आगे हैं।

शोषण का कल्चर: सांसद ने आरोप लगाया कि भारत में महिलाओं का शोषण एक 'नीति' बन गया है। उन्होंने कहा कि हर दूसरे दिन किसी न किसी नेता का सीसीटीवी फुटेज सामने आता है, जो इस गंदगी को साबित करता है।

संस्थाओं पर निशाना: उन्होंने यह भी कहा कि चाहे स्कूल हो, कॉलेज हो या ऑफिस, हर जगह महिलाओं का शोषण हो रहा है और राजनीति इसका सबसे वीभत्स रूप है।

संवैधानिक संस्थाओं की कार्रवाई
इस बयान के बाद बिहार राज्य महिला आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है:

कारण बताओ नोटिस: आयोग ने पप्पू यादव को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।

सदस्यता रद्द करने की मांग: आयोग ने चेतावनी दी है कि वे लोकसभा अध्यक्ष से पप्पू यादव की सदस्यता रद्द करने की सिफारिश कर सकते हैं, क्योंकि उनका बयान नारी शक्ति और महिला नेताओं के आत्मसम्मान को गहरी चोट पहुँचाता है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
बीजेपी समेत कई राजनीतिक दलों ने इस बयान की कड़ी निंदा की है। बीजेपी प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने इसे "चौंकाने वाला और बीमार मानसिकता वाला" बयान बताया है। उन्होंने सवाल किया कि एक तरफ देश 'नारी शक्ति' को बढ़ावा देने की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष समर्थित सांसद महिलाओं के चरित्र पर इस तरह के कीचड़ उछाल रहे हैं।


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