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महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन बिल पास कराने की कोशिश कर रही थी भाजपा
21-Apr-2026 12:53 PM
महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन बिल पास कराने की कोशिश कर रही थी भाजपा

कांग्रेस नेताओं की पत्रकार वार्ता
'छत्तीसगढ़' संवाददाता

बिलासपुर, 21 अप्रैल। देश में महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर जारी राजनीतिक खींचतान के बीच बिलासपुर में कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला। जिला कांग्रेस कमेटी की संयुक्त प्रेस वार्ता में नेताओं ने भाजपा पर भ्रम फैलाने और छिपे एजेंडे के तहत काम करने का आरोप लगाया।

शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने कहा कि भाजपा यह प्रचार कर रही है कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ है, जबकि हकीकत इसके उलट है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस शुरू से ही 33 प्रतिशत महिला आरक्षण की पक्षधर रही है और संसद में पारित कानून का समर्थन करती आई है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 पहले ही संसद के दोनों सदनों से पारित होकर कानून का रूप ले चुका है। इसके बावजूद सरकार इसे लागू करने में देरी कर रही है, जो उसकी नीयत पर सवाल खड़े करता है।

प्रेस वार्ता में 16 अप्रैल 2026 को संसद में पेश 131वें संविधान संशोधन विधेयक को लेकर कांग्रेस ने आपत्ति जताई। नेताओं का कहना था कि यह विधेयक सीधे तौर पर महिला आरक्षण से जुड़ा नहीं था, बल्कि इसके जरिए परिसीमन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही थी।

कांग्रेस के मुताबिक प्रस्ताव में लोकसभा सीटों की संख्या 850 तक बढ़ाने और परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात कही गई थी। इस पर कई राज्यों ने असहमति जताई है। नेताओं ने सवाल उठाया कि जब 2026-27 में नई जनगणना प्रस्तावित है, तो पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन क्यों किया जाए?

कांग्रेस ने यह भी कहा कि यदि केंद्र सरकार वास्तव में महिला आरक्षण लागू करना चाहती है, तो मौजूदा सीटों में ही 33 प्रतिशत आरक्षण दिया जा सकता है। इसके लिए परिसीमन का इंतजार करना आवश्यक नहीं है। नेताओं के अनुसार, 2023 में पारित कानून में संशोधन कर इसे तुरंत प्रभाव से लागू किया जा सकता था, लेकिन सरकार ने ऐसा नहीं किया।

कांग्रेस ने अपने पक्ष को मजबूत करते हुए पंचायती राज और नगरीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने की पहल का श्रेय भी खुद को दिया। नेताओं का कहना था कि आज देशभर में लाखों महिला जनप्रतिनिधि उसी नीति का परिणाम हैं।

प्रेस वार्ता में पूर्व महापौर विजय केशरवानी, पूर्व शहर अध्यक्ष विजय पांडे, मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, पूर्व विधायक शैलेश पांडे, सियाराम कौशिक, रामशरण यादव, प्रमोद नायक और सीमा पांडे सहित कई कांग्रेस नेता मौजूद रहे।

 


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